भारत बंद में शामिल नहीं होगा जदयू, ममता ने लालू से साधा संपर्क
नई दिल्ली ( 27 नवंबर ): केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ विपक्ष के भारत बंद को लेकर असमजंस की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष इस मुद्दे पर एकमत नहीं है। नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने खुद को पहले ही इससे अलग कर लिया है। जदयू ने 26 नवंबर को कहा कि वह बंद में शामिल नहीं होगी। साथ ही 30 नवंबर को तृणमूल कांग्रेस की ओर से पटना में बुलाए गए धरने से भी खुद को किनारे किया है।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि हम लोगों ने केंद्र सरकार के नोटबंदी का जोरदार समर्थन किया है। ऐसे में हम कैसे इसके विरोध में होने वाली गतिविधियों जैसे बंद अथवा धरना के हिस्सा होंगे। जदयू के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता के सी त्यागी ने भी कहा कि जदयू नोटबंदी के विरोध में 28 नवंबर के ‘भारत बंद’ के साथ आगामी 30 नवंबर को ममता बनर्जी के धरना का हिस्सा नहीं बनेगी।
खबरों के मुताबिक जदयू के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद से संपर्क किया है। लालू की पार्टी जदयू के साथ बिहार में सत्ता में साझेदार है। लालू नोटबंदी के खिलाफ है और सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा है।
नीतीश कुमार ने नोटबंदी का विरोध करने वाले लोगों पर हमला बोलते हुए कहा था, ”हमारी सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारियों की संपत्ति जब्त कर स्कूल खोले और हाल में एक बालगृह खोला है। अगर विरोधियों को अच्छा नहीं लगता तो वे कुछ नहीं कर सकते।” नीतीश ने पीएम मोदी से अब बेनामी संपत्ति रखने वालों पर कार्रवाई करने को कहा है। रोचक बात है कि नीतीश कुमार के उलट जदयू के राज्य सभा सांसद शरद यादव नोटबंदी के आलोचक है। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान वे इसमें शामिल भी हुए थे।
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