नई दिल्ली ( 10 नवंबर ): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंगलवार की घोषणा के बाद 500-1000 के नोट बैन कर दिए गए। उसके बाद बुधवार से देशभर में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। कर्नाटक के कोलार में लोकल लीडर्स ने पांच सौ और हजार के नोट बंद होने के बाद गांव के गरीब लोगों के लिए एक लोन मेला लगाया। व्यक्ति को 3-3 लाख रुपए बांटे जा रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो उन्हें ये पैसे बाद में नए नोट के रूप में वापस करने होंगे।
आज का दिन वो दिन है जो 1947 को हिंदुस्तान आजाद हो जाने के बाद किसी भी कर्मचारी ने रिश्वत नही ली व पुरे देश में कही भी भर्ष्टाचार नही हुआ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान के बाद मंगलवार को आधी रात से 500-1000 के नोट बंद हो गए। अब इसका असर दिल्ली में बदमाशों के धंधे पर भी देखा जा रहा। पिछले दो दिनों से पुलिस कंट्रोल रूम में लूटपाट की कॉल में भारी गिरावट देखी जा रही है। इस बात की हामी खुद अलग-अलग जिले के डीसीपी भर रहे हैं।
साथ ही, पुलिस अफसर चुटकी भी ले रहे हैं कि लुटेरे ऐसी अफरातफरी भरी हालत में शायद किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते। इसकी वजह यह भी है कि जितने बदमाशों ने दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट या चोरी करके रकम इकट्ठा की होगी, वह उन्हें या तो डूबती नजर आ रही है या वे उसे ठिकाने लगाने के तिकड़म लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस अफसरों ने कहा कि मोबाइल और चेन झपटमारी की कॉल में कमी नहीं आई है।
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