PM मोदी के नोट बंदी के फैसले के बाद पुरे देश में उथल-पुथल मची हुई है, वही विशेषज्ञों के अनुसार अब सरकार का कोष भर जायेगा। इन 4-5 दिनों में बैंको में उम्मीद से कई गुना ज्यादा पैसा जमा हो रहा है, इसका असर पेट्रोल-डीजल पर देखने को मिलेगा। कुछ दिनों बाद पेट्रोल कि कीमते 30 रूपये प्रति लिटर हो जाएँगी।
अर्थ क्रांति के संचालकों की बात सच मानी जाये तो मोदी सरकार कुछ दिनों बाद सभी बड़े नोटों को बंद कर देगी। इन परिस्थितियों में 2000 के नोट बचाकर रखना लोगों के लिए नुकसान दायक होसकता है। अर्थक्रांति का दावा है कि वो 2013 से नरेंद्र मोदी के संपर्क में हैं। इस जुलाई में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी से उन लोगों की महज 9 मिनट की मुलाकात हुई थी। उसके बाद एक दिन अचानक पीएमओ से उन्हें बुलाया और 15 मिनट में सब कुछ बता देने के लिए समय मिला था, लेकिन मोदी ने उनसे 90 मिनट तक बात की।
अर्थ क्रांति का यह भी दावा है कि उनसे बातचीत के बाद ही मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने का फैसला किया। अर्थ क्रांति के मुताबिक उन्होंने सरकरा को सारे टैक्स हटाकर सिर्फ एक तरह का टैक्स लगाने का सुझाव दिया है। मोदी सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। अगले साल एक अप्रैल से जीएसटी लागू करने को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। अर्थक्रांति का दावा है कि अगर सारे टैक्स खत्म करके एक टैक्स का फार्मूला लागू हो गया तो देश में पेट्रोल 28 रुपये और डीजल इससे भी कम कीमत पर मिलना शुरु हो जायेगा।
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