Thursday, 1 December 2016

ओवैसी ने सिनेमाघरों में फ़िल्म से पहले राष्ट्रगान बजाने पर उगला जहर, बोला..पढ़े पूरी खबर...

भारत में जब भी अच्छा निर्णय लिया जाता है तब कोई न कोई असामाजिक तत्व विघन न डाले ये हो नही सकता. क्युकी भारत का माहोल सेकुलरिज्म के कारण इतना ख़राब हो गया है कि यहाँ मुस्लिमो को वन्दे मातरम, भारत माता कि जय, यहाँ तक कि राष्ट्रगान कि भी तकलीफ होने लगी है.

सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला करते हुए भारत के सभी सिनेमाघरो में फ़िल्म से पहले राष्ट्रगान चलाने का फैसला किया. जहाँ पुरे देश में एक और इसका स्वागत हुआ वही हैदराबाद से लोकसभा सांसद ओवैसी को इससे बहुत तकलीफ हुई.
ओवैसी ने इसका विरोध किया और कहा कि अब सिनेमाघरो में जन गण मन बजाया जायेगा और लोगो को मजबूरन खड़ा होना पड़ेगा, व खड़ा होने के लिए मजबूर किया जायेगा. पर इसको कोन समजाये कि जब राष्ट्रगान बजता है तो लोग स्वयं खड़े होते है उने खड़ा नही किया जाता. क्युकी लोग राष्ट्र का दिल से सामान करते है.
लेकिन ओवैसी जैसे लोगो के लिए मजहब पहले है, भारत से पहले पाकिस्तान है
सिनेमा हॉल में हर फिल्म के पहले राष्ट्रगान बजाने को अनिवार्य करने का मामला कई दिन से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सिनेमाहॉलों में राष्ट्रीय गान बजने के समय सभी दर्शकों को उसके सम्मान में खड़ा होना होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गान बजते समय सिनेमाहॉल के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाना भी अनिवार्य होगा. श्याम नारायण चौकसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि सिनेमा हॉल में प्रत्येक फिल्म के प्रदर्शन से पहले हर बार राष्ट्र गान बजाया जाए.
कोर्ट ने निर्देश दिया कि राष्ट्रगान बजाये जाने को लेकर किसी व्यक्ति को कोई व्यवसायिक लाभ नहीं दिया जाए. साथ ही राष्ट्रगान का किसी भी तरह का नाट्य रूपांतरण नहीं करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने केन्द्र से एक हफ्ते के अंदर आदेश लागू कराने और सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को इस बारे में जानकारी देने को कहा. कोर्ट ने निर्देश दिया कि किसी अवांछनीय वस्तु पर राष्ट्रगान को छापा या दर्शाया नहीं जाए.
याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रगान भारत की आजादी का अभिन्न अंग है. इससे जनमानस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं. सिनेमा हॉल में फिल्म के प्रदर्शन से पहले, मनोरंजन के कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रगान चलाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि राष्ट्रगान को बजाने और गाने को लेकर दिशा निर्देश बनाए जाए.


भीगे बादाम क्‍यों बेहतर हैं-health-benefits-of-eating

भीगे बादाम क्‍यों बेहतर हैं?


अगर आपको बादाम खाने पसंद है, लेकिन भीगे बादाम खाने के विचार से भी आप नफरत करते हैं तो आपको अपने इस विचार को बदल लेना चाहिए। क्‍योंकि भीगे बादाम स्‍वादानुसार ही नहीं बल्कि स्‍वास्‍थ्‍य की दृष्टि से भी कच्‍चे बादाम से बहुत बेहतर होते हैं।

भीगे बादाम क्‍यों बेहतर हैं?

बादाम अपने असीम स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के लिए जाना जाता है। और सबसे ज्‍यादा यह याद्दाश्‍त को बढ़ने में मदद के लिए जाना जाता है। बादाम आवश्‍यक विटामिन और मिनरल जैसे विटामिन ई, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। लेकिन इन सभी पोषक तत्‍वों को अवशोषित करने के लिए, बादाम को खाने से पहले रात भर पानी में भिगोना चाहिए। ऐसा इसलिए क्‍योंकि बादाम के भूरे रंग के छिलके में टनीन होता है जो पोषक तत्‍वों के अवशोषण को रोकता है। एक बाद बादाम को पानी में भिगोने से छिलका आसानी से उतर जाता है और नट्स को पोषक तत्‍वों को रिहा करने की अनुमति देता है। भीगा हुआ बादाम पाचन में भी मदद करता है। यह लाइपेज नामक एंजाइम की विज्ञप्ति करता है जो वसा के पाचन के लिए फायदेमंद होता है। इसके अलावा भीगे हुए बादाम आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अन्‍य कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता हैं।


वजन घटाने में मददगार

बादाम वजन घटाने में भी मददगार होते हैं। इसमें मोनोअनसेचुरेटेड फैट आपकी भूख को रोकने और पूरा महसूस करने में मदद करता है। भीगा हुआ बादाम एंटीऑक्‍सीडेंट का भी अच्‍छा स्रोत हैं। यह मुक्‍त कणों के नुकसान से बचाकर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकता है। भीगे बादाम में विटामिन B17 और फोलिक एसिड कैंसर से लड़ने और जन्‍म दोष को दूर करने के लिए महत्‍वपूर्ण होता हैं।

'खराब' कोलेस्ट्रॉल के स्तर नियं‍त्रण

उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या आज भारत में सबसे आम बीमारियों में से एक होती जा रही है। उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और दिल की धमनियों में रुकावट सहित कई प्रकार के रोगों का एक कारक है। इस समस्‍या के लिए बादाम आपकी मदद कर सकता है। बादाम शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाने में 'खराब' कोलेस्ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में बहुत मददगार होता है।

दिल को स्वस्थ रखें

जर्नल ऑफ न्‍यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्‍ययन के अनुसार, बादाम एक बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्‍सीडेंट एजेंट हैं, जो एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल के ऑक्‍सीकरण को रोकने में मदद करता है। बादाम के ये गुण दिल को स्‍वस्‍थ रखने और पूरे हृदय प्रणाली को नुकसान और ऑक्सीडेटिव स्‍ट्रेस से बचाने में मदद करता है। अगर आप दिल की बीमारी के किसी भी रूप से पीड़ि‍त हैं तो स्‍वस्‍थ रहने के लिए अपने आहार में भीगे हुए बादाम को शामिल करें।


हाई ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित करें


बादाम ब्‍लड प्रेशर के लिए भी अच्‍छे होते हैं। जर्नल फ्री रेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, वैज्ञानिकों ने पाया कि बादाम का सेवन करने से ब्‍लड में अल्‍फा टोकोफेरॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जो किसी के भी रक्‍तचाप को बनाये रखने के लिए महत्‍वपूर्ण होता है। अध्‍ययन से यह भी पता चला कि नियमित रूप से बादाम खाने से एक व्‍यक्ति का ब्‍लड प्रेशर नीचे लाया जाता है। और यह 30 से 70 वर्ष की उम्र के बीच के पुरुषों में विशेष रूप से प्रभावी था।

रात में पानी में भिगोकर सुबह छिलका उतार कर खाना से पढ़ने वाले बच्चों के लिए तो यह बहुत ही फायदेमंद सिद्ध होता हैं। बादाम खाना खाने के बाद शुगर और इंसुलिन का लेवल बढ़ने से रोकता है। जिससे डायबिटीज से बचा जा सकता है। तो फिर किस बात की देरी है, रोज सुबह भीगे बादाम खाकर आप भी अपने शरीर को पोषण से भरपूर करें। 

पाटीदारों को मनाने में जुटी गुजरात सरकार, 6 घंटे चली बैठक बेनतीजा-alks-fail-between-patels-community-and-gujarat-govt

पाटीदारों को मनाने में जुटी गुजरात सरकार, 6 घंटे चली बैठक बेनतीजा


गुजरात में चुनावी आहट के बीच सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पाटीदार समुदाय को मनाने में जुट गई है. पाटीदार आरक्षण को लेकर पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति और सरकार के बीच करीब 6 घंटे तक बैठक चली, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.
बैठक में सरकार की ओर से गुजरात के उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल ओर गृह राज्यमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा मौजूद थे. अहमदाबाद में बैठक के दौरान पाटीदार आंदोलनकारियों ने सरकार के सामने 4 मुद्दे रखे.

1. आंदोलनकारियों की ओर से बैठक में पाटीदारों को संवैधानिक तौर पर आरक्षण देने की मांग उठी.
2. आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज में जो पुलिसकर्मी शामिल थे उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
3. क्रांति रैली के दौरान पुलिस गोलीबार में मरने वाले पाटीदारों को 35 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने की मांग.
4. गुजरात में पाटीदार आयोग का गठन किया जाए.



वहीं बैठक में सरकार की ओर से पाटीदारों को आश्वस्त किया गया कि इस मामले को लेकर उनकी सोमवार को मुख्यमंत्री विजय रुपानी के साथ बातचीत होगी, और उसके बाद एक बार फिर पाटीदार समिति के लोगों को बैठक के लिए बुला जाएगा. हालांकि पाटीदारों के रवैये में बैठक के दौरान कोई बदलाव नहीं आया.

साथ ही बैठक में पाटीदारों ने सरकार को ये चेतावनी भी दी कि अगर इस मसले को जल्द नहीं सुलझाया गया तो एक बार फिर पाटीदार समाज हार्दिक पटेल की अगुवाई में उग्र आंदोलन करने के लिए तैयार है.

समय से पहले रिलीज होगी बाहुबली-bahuwali-2-releases-date


समय से पहले रिलीज होगी बाहुबली-2!

नई दिल्ली (30 नवंबर): साऊथ के दिग्गज फिल्ममेकर एसएस राजामौली की फिल्म बाहुबली-2 की शूटिंग जोरो शोरो से चल रही है। फिल्म के प्रोड्यूसर इस फिल्म को जल्द से जल्द रिलीज करना चाहते है ताकि कोई और बात न सामने आ जाए। इस बात की जानकारी खुद राजामौली ने दी। फिल्म 'बाहुबली- द कंक्लूजन' के बारे में जबरदस्त चर्चा है कि इसे तय समय से पहले रिलीज किया जा सकता है।


वैसे यह फिल्म है वह अगले साल 28 अप्रैल को देशभर के सिनेमाघरो में रिलीज होनी है। वैसे यह सब पोस्ट प्रोडक्शन में चल रहे ग्राफिक्स के काम निर्भर करता है। काम जल्दी पूरा हो गया तो रिलीज भी आगे आ सकती है।'

अब पेमेंट्स बैंक खोलेगा पेटीएम, 10 लाख तक का हो सकेगा लेनदेन-paytm-payments-bank-online

अब पेमेंट्स बैंक खोलेगा पेटीएम, 10 लाख तक का हो सकेगा लेनदेन


नई दिल्ली(2 दिसंबर): पेटीएम का पेमेंट्स बैंक जल्द ही पूरे देश में शुरू होने जा रहा है। पूरे देश में इसका शुरुआती टर्नओवर एक हजार करोड़ रुपये का होगा।

- देश भर में 165 बैंक शाखाएं होंगी।

- बैंक में सेविंग, करंट एकाउंट, आरडी और एफडी भी होगी। पेटीएम के 15 करोड़ ग्राहकों में से दो करोड़ ग्राहक पेमेंट्स बैंक की सेवाओं के लिए आवेदन कर चुके हैं।
- खास बात ये है कि ये बैंक किसी को सीधे लोन की रकम नहीं देगा, बल्कि उसकी जरूरत का सामान खरीद कर देगा। जिससे लोन के नाम पर रकम लेकर उसका दुरुपयोग नहीं होगा और ग्राहक के साथ बैंक की देयता बहुत कम होगी। इसलिए इसका नाम पेंमेट्स बैंक रखा गया है।

- आम ग्राहक केवाईसी देकर खाता खोलने के बाद इस बैंक में एक लाख का लेनदेन कर सकेगा और जिसके पास टिन नंबर है वह दस लाख रुपये का लेनदेन कर पाएगा। हालांकि इस लिमिट को एक से 10 लाख और 10 लाख से एक करोड़ तक कराने की कवायद जारी हैजल्द ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इसका फैसला करेगा। अभी आरबीआई इसके स्ट्रक्चर, कर्मियों की उपलब्धता की मानीटरिंग कर रहा है। इसके पूरा होते ही नई लिमिट लागू हो जाएगी जिससे ग्राहकों को बड़ी रकम का लेनदेन करने सुविधा मिल जाएगी।

BIG-NEWS: अब बहुत हुआ, भारत से पाकिस्तान नही जाएगी पानी कि एक भी बूंद - PM मोदी

डेस्क-भारत पाकिस्तान में छिड़ी सीमा पर युद्ध से अब भारत पाकिस्तान की कमर तोड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि अब भारत से पाकिस्तान में बहने वाली नदियों का पानी अब पूर्ण रूप से रोक दिया जायेगा। पंजाब में एक रैली के दौरान मोदी ने कहा कि सिंधु जल समझौता मतलब रवि,सतलज,और सिंधु नदी का जल हम भारतवासियो का है| और किसानों का है,इनका उपयोग पाकिस्तान में नहीं होता बल्कि पाकिस्तान से होते हुए यह समुद्र में मिल जाता है।



मोदी ने कहा कि इन नदी के पानी का उपयोग,मैं पंजाब,जम्मू कश्मीर और भारत के अन्य राज्यो के लिए करूँगा।मैं इसके लिए कृतसंकल्प हूं’’ मोदी ने कहा ‘‘ऐसा कोई कारण नहीं है कि हम अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते और अपने किसानों को कठिनाई झेलने दें|आपके खेतों की सिंचाई की जरूरत को पूरा करने के लिए मुझे आपके आशीर्वाद की जरूरत है|" मोदी ने कहा ,‘‘अगर पंजाब के किसानों को पर्याप्त पानी मिलता है तो वे जमीन से सोनाउगा सकते हैं और देश के खजाने को भर सकते हैं|’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार पंजाब में बादल सरकार के साथ मिलकर काम करने को कृतसंकल्प है ताकि किसानों को उनका अधिकार मिल सके और उनकी चिंताओं का समाधान हो सके|’


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BREAKING: RBI ने किया बड़ा ऐलान - अब हर डिपोजिट पर लगेगा 60% टेक्स, अब आम लोगो को...पढ़े पूरी खबर

नोटबंदी के बाद सरकार ने ऐलान किया था कि वह ढाई लाख रुपये तक अकाउंट में जमा कराने वाले लोगों को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखेगी, लेकिन अब खबर आ रही है कि इनकम टैक्स अधिकारियों को अप्रैल से अब तक बैंकों में जमा होने वाले हर कैश डिपॉजिट पर नोटिस जारी करने और उन पर 60 पर्सेंट टैक्स वसूल करने का अधिकार मिल सकता है।


इनकम टैक्स ऐक्ट में किए गए हालिया संशोधन में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने रुपये तक के कैश डिपॉजिट पर स्क्रूटनी हो सकती है।

- एक अप्रैल के बाद जिन स्मॉल डिपॉजिटर्स ने अपने खाते में 2-4लाख रुपये जमा कराए होंगे उनकी स्क्रूटनी हो सकती है।

- प्रस्तावित संशोधन को देखने से ऐसा लगता है कि जिन लोगों के घर में थोड़ा कैश रखा हुआ था, अगर वह उसके सोर्स के बारे में नहीं बता पाते हैं तो उनको उनको उस पर 60 पर्सेंट टैक्स, सरचार्ज और पेनल्टी देनी पड़ सकती है। इस अहम मुद्दे पर सरकार की तरफ से क्लैरिफिकेशन आना जरूरी है।

- जिस डिपॉजिटर को नोटिस मिलेगा, उसे बताना होगा कि उनके पास वह कैश कहां से आया।
- कानून में बदलाव इसलिए किया गया है कि उस कैश डिपॉजिट पर ज्यादा टैक्स वसूल किया जा सके, जिसके सोर्स के बारे में डिपॉजिटर पक्के तौर कुछ बता ना पाए।


- जिन खातों में पिछले 12 महीनों से कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, उनसे सिर्फ 25 पर्सेंट रकम निकालने की शर्त रखी जा सकती है।