Friday, 2 December 2016

अभी-अभी: वितमंत्री अरुण जेटली का ऐलान, 3 तीन दिन में बैंको से खत्म हो जाएँगी लाइने, सब के पास...पढ़े पूरी खबर..

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा किया है कि 30 से पहले दिसंबर देश के कैश की किल्लत से निजात मिल जाएगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि नए लीगल नोटों की संख्या उतनी नहीं होगी, जितनी पुराने 500-1000 के नोटों की थी। वित्त मंत्री के मुताबिक सर्कुलेशन में आने वाली नई करंसी की संख्या बाहर हुई 86 फीसदी की आधी यानी 43 फीसदी ही होगी। नोटबंदी के बाद करीब 15 ट्रिलियन यानी 15 लाख करोड़ रुपए सर्कुलेशन से बाहर हो गए हैं और सरकार इस राशि के आधा या इससे थोड़ा ज्यादा नई करंसी के नोट ही सर्कुलेशन में लाएगी। इस समय युद्ध स्तर पर नये नोटों कि छपाई हो रही है, अब नोटों को छपने का जिम्मा सेना को सोंपा गया है और बहुत जल्द बैंको के बाहर से लाइन खत्म हो जाएँगी। नोटों कि सप्लाई सेना के भारी मालवाहक विमानों से हो रही है 


आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की माने तो आने वाले कुछ दिनों में देशभर में जारी कैश के क्रंच को दूर कर लिया जाएगा। शक्तिकांत दास के मुताबिक अब बैंक और एटीएम में ज्यादा से ज्यादा 500 के नोटों की सप्लाई की जा रही है और अगर सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले कुछ दिनों नगदी की जारी किल्लत को दूर कर लिया जाएगा।

साथ ही वित्त सचिव ने कहा कि जो कोई भी कालेधन को सफेद बनाने या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे काम से जुड़ा पाया जाएगा उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कालेधन की कार्रवाई को लेकर भी बात की। वित्त सचिव ने कहा कि एजेंसियां जांच में जुटी हैं और कार्रवाई चल रही है। धीरे-धीरे इसका असर दिख रहा है। आने वाले दिनों में और भी दिखेगा।

अरुण जेटली के मुताबिक देश के चार बैंक नोट प्रिंटिंग प्रेस की क्षमता को देखते हुए इन नए नोटों को छापने में कुछ महीनों का समय लगेगा। लेकिन कैश की किल्लत की परेशानी ज्यादा दिन नहीं रहेगी।
फिलहाल RBI 2000 के के अलावा 500 के नोट ज्यादा छापने पर जोर दे रही है। फिलहाल वेतन की समस्या से निपटने के लिए सरकार सैलरी अकाउंट वाले बैंकों को 30 फीसदी ज्यादा कैश दे रही है।


अबतक 500-1000 के तकरीबन साढ़े आठ लाख करोड़ पुराने नोट बैंकों में जमा हो चुके हैं। इनमें से तकरीबन 34 हजार करोड़ रुपये बदले गए हैं और 2 लाख 16 हजार लोगों ने अबतक खाते और एटीएम के जरिए पैसे निकाले हैं।


8 नवंबर को नोटबंदी के बाद 15 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई। इनमें 500 रुपए के 1650 करोड़ नोट यानी 8.25 लाख करोड़ रुपए चलन में थे। वहीं 1000 रुपए के 670 करोड़ नोट यानी 6.70 लाख करोड़ रुपए चलन में थे। देश में चल रही करंसी में इन दोनों की हिस्सेदारी 87 फीसदी थी। पीएम मोदी के एक ऐलान से महज 4 घंटे में 15 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई।

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