भारत में जब भी अच्छा निर्णय लिया जाता है तब कोई न कोई असामाजिक तत्व विघन न डाले ये हो नही सकता. क्युकी भारत का माहोल सेकुलरिज्म के कारण इतना ख़राब हो गया है कि यहाँ मुस्लिमो को वन्दे मातरम, भारत माता कि जय, यहाँ तक कि राष्ट्रगान कि भी तकलीफ होने लगी है.
सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला करते हुए भारत के सभी सिनेमाघरो में फ़िल्म से पहले राष्ट्रगान चलाने का फैसला किया. जहाँ पुरे देश में एक और इसका स्वागत हुआ वही हैदराबाद से लोकसभा सांसद ओवैसी को इससे बहुत तकलीफ हुई.
ओवैसी ने इसका विरोध किया और कहा कि अब सिनेमाघरो में जन गण मन बजाया जायेगा और लोगो को मजबूरन खड़ा होना पड़ेगा, व खड़ा होने के लिए मजबूर किया जायेगा. पर इसको कोन समजाये कि जब राष्ट्रगान बजता है तो लोग स्वयं खड़े होते है उने खड़ा नही किया जाता. क्युकी लोग राष्ट्र का दिल से सामान करते है.
लेकिन ओवैसी जैसे लोगो के लिए मजहब पहले है, भारत से पहले पाकिस्तान है
सिनेमा हॉल में हर फिल्म के पहले राष्ट्रगान बजाने को अनिवार्य करने का मामला कई दिन से सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सिनेमाहॉलों में राष्ट्रीय गान बजने के समय सभी दर्शकों को उसके सम्मान में खड़ा होना होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गान बजते समय सिनेमाहॉल के पर्दे पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाया जाना भी अनिवार्य होगा. श्याम नारायण चौकसी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि सिनेमा हॉल में प्रत्येक फिल्म के प्रदर्शन से पहले हर बार राष्ट्र गान बजाया जाए.
कोर्ट ने निर्देश दिया कि राष्ट्रगान बजाये जाने को लेकर किसी व्यक्ति को कोई व्यवसायिक लाभ नहीं दिया जाए. साथ ही राष्ट्रगान का किसी भी तरह का नाट्य रूपांतरण नहीं करने का निर्देश दिया. कोर्ट ने केन्द्र से एक हफ्ते के अंदर आदेश लागू कराने और सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों को इस बारे में जानकारी देने को कहा. कोर्ट ने निर्देश दिया कि किसी अवांछनीय वस्तु पर राष्ट्रगान को छापा या दर्शाया नहीं जाए.
याचिका में कहा गया है कि राष्ट्रगान भारत की आजादी का अभिन्न अंग है. इससे जनमानस की भावनाएं जुड़ी हुई हैं. सिनेमा हॉल में फिल्म के प्रदर्शन से पहले, मनोरंजन के कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रगान चलाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. याचिका में यह भी मांग की गई है कि राष्ट्रगान को बजाने और गाने को लेकर दिशा निर्देश बनाए जाए.
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