Showing posts with label Business-news-in-hindi. Show all posts
Showing posts with label Business-news-in-hindi. Show all posts

Thursday, 15 December 2016

अभी-अभी: आयकर विभाग का ऐलान - जिन बैंक खातो में है 1 लाख वे खाते होंगे ब्लॉक...पढ़े पूरी खबर

तिकड़मों के जरिए बैंकिंग व्यवस्था का दुरुपयोग कर अपनी अघोषित दौलत जमा करने वालों पर रिजर्व बैंक ने शिकंजा कस दिया है।

आरबीआई ने उन खातों से पैसे निकालने पर कुछ खास तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनमें 9 नवंबर के बाद 2लाख रुपए से ज्यादा पैसे जमा हुए हैं और जिनमें 5 लाख रुपए से ज्यादा बैलेंस है।

आरबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक PAN कार्ड या फॉर्म 60 (अगर PAN नहीं है तो) जमा किए बगैर इन खातों से पैसे नहीं निकाले जा सकते और न ही ट्रांसफर किए जा सकते हैं। रिजर्व बैंक को यह जानकारी मिली थी कि कुछ मामलों में केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) के सख्त दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद यह नोटफिकेशन जारी किया गया।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों को KYC का सख्ती से पालन कराना चाहिए। आरबीआई ने कहा, 'यह नियम उन दोनों तरह के खातों पर लागू होंगे- (1) जिनमें 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा का बैलेंस हो; (2) जिनमें 9 नवंबर 2016 के बाद कुल जमा रकम (इलेक्ट्रॉनिक और दूसरे माध्यमों से भी जमा मिलाकर) 2 लाख रुपये से ज्यादा हो।

आरबीआई ने आगे कहा है कि अगर कोई अकाउंट निर्धारित सीमा से ज्यादा रकम जमा/बैलेंस होने की वजह से 'स्मॉल अकाउंट' की श्रेणी के लिए अयोग्य हो जाता है तो उनसे विदड्रॉल की सीमा 'स्मॉल अकाउंट' से विदड्रॉल के नियमों के मुताबिक होगी। स्मॉल अकाउंट से एक महीने में 10 हजार रुपये ही निकालने की इजाजत होती है। इतना ही नहीं, स्मॉल अकाउंट में एक वित्तीय वर्ष में कुल जमा की गई रकम एक लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती।

आरबीआई ने कहा कि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंटस (जन धन अकाउंट भी BSBDAs की तरह ही होते हैं) के लिए KYC की जरूरत नहीं होती। ऐसे अकाउंट 'स्मॉल अकाउंट' की तरह माने जाते हैं। गौरतलब है कि सरकार ने 9 नवंबर से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य कर दिया है।


आरबीआई ने बैंकों से डॉर्मैंट अकाउंट्स में पैसे जमा करते वक्त नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था। ऐसी शिकायतें मिली थी कि नोटबंदी के बाद कुछ लोगों ने जन धन और डॉर्मैंट अकाउंट का दुरुपयोग कर उसमें ब्लैक मनी जमा किया है।

Monday, 12 December 2016

BREAKING: कालेधन को सफेद कर रहा एक्सिस बैंक बंद, लाइसेंस होगा रद्द..पढ़े पूरी खबर

देश के बड़े बैंक एक्सिस बैंक पर कालेधन को सफेद करने का आरोप लग रहा है। अब तक बैंक की कई शाखाओं पर छापे पड़ चुके हैं।


अब मामले पर RBI का बड़ा बयान आया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि अभी तो हम कोई कार्रवाई नहीं कर रहे लेकिन अगर पर्याप्त सबूत मिले तो बैंक का लाइसेंस रद्द कर सकते हैं।

अभी कोई कार्रवाई नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि उसने निजी सेक्टर के ऐक्सिस बैंक का लाइसेंस रद्द करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। पिछले महीने 500और 1,000 का नोट बंद किए जाने के बाद ऐक्सिस बैंक की कुछ शाखाओं में कथित तौर पर अनियमितता के मामले सामने आए हैं। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद बैंक पर बड़ी करवाई होगी

मीडिया में आईं खबरें

एक अधिसूचना में केंद्रीय बैंक ने कहा, 'रिजर्व बैंक स्पष्ट करता है कि उसने ऐक्सिस बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। मीडिया में इस तरह की खबरें आई हैं कि ऐक्सिस बैंक का लाइसेंस रद्द हो सकता है, जिसके बाद केंद्रीय बैंक ने यह स्पष्टीकरण दिया है।

क्या बोला एक्सिस बैंक


बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को भेजे स्पष्टीकरण में ऐक्सिस बैंक ने कहा कि हम संबंधित रिपोर्ट की सामग्री का मजबूती से खंडन करते हैं। बैंक के पास रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार मजबूत प्रणाली और नियंत्रण है। ऐक्सिस बैंक ने कहा कि हमारा मानना है कि इस खबर का मकसद आम जनता, कर्मचारियों में भय पैदा करना है और बैंक की छवि को आघात पहुंचाना है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में ऐक्सिस बैंक का शेयर सोमवार को 2.56 प्रतिशत के नुकसान से 444.60 रुपये पर बंद हुआ।

BREAKING: अगर आपकी सैलरी 30 हजार से कम है तो खबर जरूर पढ़ें

सेवानिवृत्ति कोष इकाई EPFO उसके सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए 19 दिसंबर से वेतन की मौजूदा सीमा 15 हजार रुपए मासिक से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने के प्रस्ताव को अनुमति दे सकता है।

क्या है मामला

सूत्रों के मुताबिक 19 दिसंबर की बैठक में ईपीएफओ की भविष्य निधि, समूह बीमा और पेंशन जैसे सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के दायरे में लाने के लिए मासिक वेतन सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपए करने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है और इसे अनुमति भी दी जा सकती है।

आपको बता दें कि फिलहाल 15,000 रुपए मासिक वेतन पाने वालों को EPFO की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलता है।

50लाख लोगों को होगा फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के इस कदम से उसके सामाजिक सुरक्षा दायरे में 50 लाख लोग आ सकते हैं जिनमें अधिकतर औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारी होंगे।

अभी संगठित क्षेत्र के करीब चार करोड़ लोग ईपीएफओ के दायरे में आते हैं।

19दिसंबर को हो सकता है फैसला


ईपीएफओ की शीर्ष निर्णय निर्माण संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) की 19 दिसंबर को श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में बेंगलुरू में बैठक का कार्यक्रम तय है।

BREAKING : सरकार का ऐलान - अब 2000 का नोट बंद, 500 का नोट होगा सबसे बड़ी कैरेंसी...

8 NOVEMBER को PM MODI द्वारा 500, 1000के नोट DEMONETISE करने के बाद अब आपको ये खबर पढ़ने के बाद सबसे बड़ा झटका लगने वाला है।

अभी-अभी आ रहीं खबरों के मुताबिक, सरकार अगले पांच सालों में 2000 का नया नोट भी बंद करने जा रही है। ये बात खुद राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के सीनियर आर्थिक विचार स्वामिनाथन गुरुमूर्ति ने कही है। बकौल गुरुमूर्ति, 'अगले कुछ सालों में 2000 का नया नोट भी चलन में नहीं होगा, भारत में सबसे बड़ा नोट सिर्फ 500 का ही होगा।'

गुरुमूर्ति ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि कमी खत्म करने के लिए 2000 के नए नोट छापे गए हैं। जबकि 500 का नोट ही भारतीय करेंसी का सबसे बड़ा नोट होगा। ये बात जग जाहिर है कि संघ का सरकार में खासा दखल रहता है।

कौन हैं एस गुरुमूर्ति-


एस. गुरुमूर्ति खोजी पत्रकार और चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं। पढ़ाई से चार्टर्ड अकाउंटेंट गुरुमूर्ति इंडियन एक्सप्रेस के मालिक रामानाथ गोयनका के सलाहकार रह चुके हैं। गोयनका 72 साल के हुआ करते थे और गुरुमूर्ति 27 साल के। गोयनका ने ही गुरुमूर्ति को धीरूभाई अंबानी की तेज तरक्की की पड़ताल करने के काम में लगाया था। गुरुमूर्ति इस काम में बहुत कामयाब रहे और रिलायंस को असलियत उजागर होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था। गुरुमूर्ति का चरित्र मणिरत्नम की फिल्म गुरु में भी पत्रकार श्याम के रूप में सामने आता है। गुरु में गुरुमूर्ति की भूमिका को अभिनेता माधवन ने निभाया है।

Wednesday, 7 December 2016

BREAKING: नोटबंदी के बाद एक और बड़ा झटका, अब पेट्रोल-डीजल की कीमते होंगी आसमान पर...

नोटबंदी से परेशान लोगों के लिए एक और बुरी खबर आ सकती है. क्रिसिल ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि अगले 3-4 महीनों में पेट्रोल की कीमत में पांच से आठ फीसदी और डीजल की कीमत में छह से आठ फीसदी की वृद्धि होगी. क्योंकि पिछले हफ्ते तेल उत्पादक देशों के संघ ओपेक ने कच्चे तेल के उत्पादन में रोजना 12 लाख बैरल (एमपीबीडी) की कटौती का फैसला किया है.


क्रिसिल के बयान में कहा गया है, “ओपेक के इस कदम के कारण कच्चे तेल की कीमतें मार्च 2017 तक बढ़कर 50-55 डॉलर प्रति बैरल हो सकती हैं. और अगर यह बढ़कर 60डॉलर प्रति बैरल तक हो जाती है (जैसा कि कुछ लोगों का मानना है), तो पेट्रोल की कीमत 80 रुपये और डीजल की कीमत 68 रुपये हो सकती है. लेकिन ओपेक के इस समझौते की सफलता इसके पालन पर निर्भर करती है.

बयान में कहा गया है, “जहां तक घरेलू मांग का सवाल है, नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर कम हुई है, जिसके कारण पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आई है, लेकिन एक बार जब बाजार में दुबारा पर्याप्त संख्या में नकदी आ जाएगी तो इसकी मांग जोर पकड़ेगी.


रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे ही कच्चे तेल के दाम 50 डॉलर से ऊपर जाएंगे, वैसे ही अमेरिकी शेयर बाजार के निवेशकों के लिए तेल कंपनियों के शेयर फिर से व्यवहार्य हो जाएंगे.

Friday, 2 December 2016

अभी-अभी: वितमंत्री अरुण जेटली का ऐलान, 3 तीन दिन में बैंको से खत्म हो जाएँगी लाइने, सब के पास...पढ़े पूरी खबर..

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा किया है कि 30 से पहले दिसंबर देश के कैश की किल्लत से निजात मिल जाएगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि नए लीगल नोटों की संख्या उतनी नहीं होगी, जितनी पुराने 500-1000 के नोटों की थी। वित्त मंत्री के मुताबिक सर्कुलेशन में आने वाली नई करंसी की संख्या बाहर हुई 86 फीसदी की आधी यानी 43 फीसदी ही होगी। नोटबंदी के बाद करीब 15 ट्रिलियन यानी 15 लाख करोड़ रुपए सर्कुलेशन से बाहर हो गए हैं और सरकार इस राशि के आधा या इससे थोड़ा ज्यादा नई करंसी के नोट ही सर्कुलेशन में लाएगी। इस समय युद्ध स्तर पर नये नोटों कि छपाई हो रही है, अब नोटों को छपने का जिम्मा सेना को सोंपा गया है और बहुत जल्द बैंको के बाहर से लाइन खत्म हो जाएँगी। नोटों कि सप्लाई सेना के भारी मालवाहक विमानों से हो रही है 


आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास की माने तो आने वाले कुछ दिनों में देशभर में जारी कैश के क्रंच को दूर कर लिया जाएगा। शक्तिकांत दास के मुताबिक अब बैंक और एटीएम में ज्यादा से ज्यादा 500 के नोटों की सप्लाई की जा रही है और अगर सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले कुछ दिनों नगदी की जारी किल्लत को दूर कर लिया जाएगा।

साथ ही वित्त सचिव ने कहा कि जो कोई भी कालेधन को सफेद बनाने या मनी लॉन्ड्रिंग जैसे काम से जुड़ा पाया जाएगा उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कालेधन की कार्रवाई को लेकर भी बात की। वित्त सचिव ने कहा कि एजेंसियां जांच में जुटी हैं और कार्रवाई चल रही है। धीरे-धीरे इसका असर दिख रहा है। आने वाले दिनों में और भी दिखेगा।

अरुण जेटली के मुताबिक देश के चार बैंक नोट प्रिंटिंग प्रेस की क्षमता को देखते हुए इन नए नोटों को छापने में कुछ महीनों का समय लगेगा। लेकिन कैश की किल्लत की परेशानी ज्यादा दिन नहीं रहेगी।
फिलहाल RBI 2000 के के अलावा 500 के नोट ज्यादा छापने पर जोर दे रही है। फिलहाल वेतन की समस्या से निपटने के लिए सरकार सैलरी अकाउंट वाले बैंकों को 30 फीसदी ज्यादा कैश दे रही है।


अबतक 500-1000 के तकरीबन साढ़े आठ लाख करोड़ पुराने नोट बैंकों में जमा हो चुके हैं। इनमें से तकरीबन 34 हजार करोड़ रुपये बदले गए हैं और 2 लाख 16 हजार लोगों ने अबतक खाते और एटीएम के जरिए पैसे निकाले हैं।


8 नवंबर को नोटबंदी के बाद 15 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई। इनमें 500 रुपए के 1650 करोड़ नोट यानी 8.25 लाख करोड़ रुपए चलन में थे। वहीं 1000 रुपए के 670 करोड़ नोट यानी 6.70 लाख करोड़ रुपए चलन में थे। देश में चल रही करंसी में इन दोनों की हिस्सेदारी 87 फीसदी थी। पीएम मोदी के एक ऐलान से महज 4 घंटे में 15 लाख करोड़ रुपए की करंसी चलन से बाहर हो गई।

BREAKING: जनधन खातो पर आयकर विभाग का डाका, जब्त होगी पड़ी नगदी, फिर अफरा-तफरी का माहौल

पीएम मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोट को बैन करने का ऐलान किया। पीएम के इस ऐलान के बाद से कालाधन रखने वालों में हड़कंप मच गया। वे कालाधन को सफेद करने के लिए कई तरकीब निकाले। इसमें से एक तरकीब कालेधन रखने वालों ने गरीबों के जनधन खातों में पैसा डालने की निकाली। लेकिन सरकार अब ऐसे लोगों पर कारवाई करने की तैयारी कर रही है।


- वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक स्थानीय स्तर के नेता और दबंग जनधन खातों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं सीमावर्ती इलाकों और पूर्वोत्तर राज्यों में भी जनधन खातों के दुरुपयोग पर आयकर विभाग जांच कर रहा है। आरोप साबित होने पर बेनामी कानून के तहत आयकर विभाग खातों में पड़े नकदी को जब्त कर सकता है।

- सूत्रों के मुताबिक बैंककर्मियों की मिलीभगत से जनधन खाताधारकों के जानकारी मुहैया कराई जा रही है।

- वहीं सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कारोबारी और व्यापारी ने बड़े पैमाने पर करेंसी एक्सचेंज सुविधा का दुरूपयोग किया है।

- वहीं पब्लिक यूटिलिटी के तहत पुराने नोटों को स्वीकार करने की सुविधा के जरिये कालेधन को सफ़ेद बनाने का गोरखधंधा चल रहा है। इसकी सरकार लगातार समीक्षा कर रही है।


Thursday, 1 December 2016

BREAKING: RBI ने किया बड़ा ऐलान - अब हर डिपोजिट पर लगेगा 60% टेक्स, अब आम लोगो को...पढ़े पूरी खबर

नोटबंदी के बाद सरकार ने ऐलान किया था कि वह ढाई लाख रुपये तक अकाउंट में जमा कराने वाले लोगों को इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रखेगी, लेकिन अब खबर आ रही है कि इनकम टैक्स अधिकारियों को अप्रैल से अब तक बैंकों में जमा होने वाले हर कैश डिपॉजिट पर नोटिस जारी करने और उन पर 60 पर्सेंट टैक्स वसूल करने का अधिकार मिल सकता है।


इनकम टैक्स ऐक्ट में किए गए हालिया संशोधन में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने रुपये तक के कैश डिपॉजिट पर स्क्रूटनी हो सकती है।

- एक अप्रैल के बाद जिन स्मॉल डिपॉजिटर्स ने अपने खाते में 2-4लाख रुपये जमा कराए होंगे उनकी स्क्रूटनी हो सकती है।

- प्रस्तावित संशोधन को देखने से ऐसा लगता है कि जिन लोगों के घर में थोड़ा कैश रखा हुआ था, अगर वह उसके सोर्स के बारे में नहीं बता पाते हैं तो उनको उनको उस पर 60 पर्सेंट टैक्स, सरचार्ज और पेनल्टी देनी पड़ सकती है। इस अहम मुद्दे पर सरकार की तरफ से क्लैरिफिकेशन आना जरूरी है।

- जिस डिपॉजिटर को नोटिस मिलेगा, उसे बताना होगा कि उनके पास वह कैश कहां से आया।
- कानून में बदलाव इसलिए किया गया है कि उस कैश डिपॉजिट पर ज्यादा टैक्स वसूल किया जा सके, जिसके सोर्स के बारे में डिपॉजिटर पक्के तौर कुछ बता ना पाए।


- जिन खातों में पिछले 12 महीनों से कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है, उनसे सिर्फ 25 पर्सेंट रकम निकालने की शर्त रखी जा सकती है।

Wednesday, 30 November 2016

BREAKING:अभी-अभी सरकार का ऐलान, कल से 500 का नोट सभी जगह बंद..पढ़े पूरी खबर

500के पुराने नोट को लेकर इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। अब 500के पुराने नोट पेट्रोल पंप और हवाई टिकट के लिए कल तक ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। पहले ये 15 दिसंबर तक इस्तेमाल किए जाने थे।

- सरकार का कहना है कि कुछ लोग इस छूट का फायदा उठाकर अपना काला धन सफेद कर रहे हैं। इस मामले में सबसे ज्यादा शिकायतें पेट्रोल पंप से मिल रही हैं।

- इससे पहले सरकार 1000 रुपए के नोट का चलन बंद कर चुकी है।

- गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 24 नवंबर को घोषणा की थी कि जिन जगहों पर अभी तक पुराने नोट चलाए जाने की छूट दी गई थी, अब उन जगहों पर सिर्फ 500 रुपए के नोट चलेंगे।


- सरकार ने कहा था कि ये नोट 15 दिसंबर तक इन जगहों पर चलेंगे। ये नोट पेट्रोल पंप, दवा की दुकानों, टोल टैक्स, पानी-बिजली का बिल जमा कराने सहित टोटल 21 जगहों पर मान्य होंगे। नहीं बढ़ेगी पुराने नोट जमा करने की अंतिम तारीख बैंकों और पोस्ट ऑफिस में 500 और 1000 के पुराने नोट बदलवाने की समय सीमा सरकार पहले ही समाप्त कर चुकी है। अब पुराने नोट सिर्फ बैंक और डाकघरों में जमा किए जा सकते हैं। सरकार ने बुधवार को यह भी स्पष्ट किया कि बैंकों में 500 और 1000 के पुराने नोट जमा करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर ही रहेगी, इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

Tuesday, 29 November 2016

अभी-अभी सरकार का एक और कमरतोड़ ऐलान - अब खातो से निकाल सकते है सिर्फ 10 हजार...

नोटबंदी की वजह से देशभर में कैश की भारी किल्लत है। इन सबके बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जनधन खातों से रकम निकालने की सीमा तय कर दी है। RBI ने ऐलान किया है कि जनधन खातों से एक महीने में 10,000 रुपए से ज्यादा नहीं निकाले जा सकेंगे। आपको बता दें कि नोटबंदी के फैसले के बाद जनधन खातों में काफी पैसा जमा कराया जा रहा है। जिसके चलते ये फैसला लिया गया है.


RBI ने कहा है कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत खुलवाए गए खातों से अब महीने में सिर्फ दस हजार रुपए ही निकाल पाएंगे. RBI ने बैंकों के मैनेजर से कहा है कि अगर किसी खाता धारक को महीने में 10 हजार रुपये से ज्यादा निकालने हैं तो उसे अपनी जरुरतों का पूरा ब्यौरा देना होगा कि वह इन पैसों का कहां इस्तेमाल करेगा। आपको ता दे कि इससे पहले आप जनधन खातो से प्रतिदिन 10 हजार निकलवा सकते थे.


आपको बता दे कि 8 नवंबर को केंद्र सरकार की तरफ से 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने के फैसले के बाद अचानक जनधन खातों में ज्यादा रकम जमा हो; ने लगी है। बताया जा रहा है कि RBI के इस फैसले के बाद जनधन खातों के जरिए अपना कालाधन सफेद कर रहे लोगों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। वित्त मंत्रालय को भी लग रहा है कि नोटंबीद के बाद जनधन खातों के जरिए कुछ लोग अपने काले धन को सफेद करने की कोशिश कर रहे हैं। नोटबंदी के बाद से अबतक 25 करोड़ जनधन खातों में 65 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए जमा हुए हैं। वित्त मंत्रालय की नजर ऐसे संदिग्ध खातों पर हैं और इनपर कभी भी कार्रवाई की जा सकती है।
stage dance video:-

Saturday, 26 November 2016

अभी-अभी: सरकारी खजाना लबालब, RBI ने किया बड़ा ऐलान - जनता में ख़ुशी कि लहर...

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शनिवार को अचानक बैंकों को आदेश दिया कि वो अपने पास की अतिरिक्त नकदी जमा कर दें। देश के केंद्रीय बैंक ने यह कदम सरकार द्वारा बड़े नोटों पर पाबंदी लगाने के बाद नकदी के अथाह प्रवाह को संतुलित करने के लिए उठाया है। RBI के इस कदम से आम जनता को बड़ा फायदा होगा. अब बैको में बम्पर कैश आएगा जिससे आप आसानी से पैसे निकल सकते है.

 500 और 1,000 रुपये के नोटों पर 8 नवंबर को लगी पाबंदी के बाद देशवासियों ने बैंकों में पुराने नोट जमा करवा दिए। सरकार के इस फैसले का मकसद काले धन और जाली नोटों के कारोबार पर अंकुश लगाना है। बैंकों ने पाबंदी के बाद जमा इन नोटों का कुछ हिस्सा सरकारी बॉन्ड्स में डाल दिया। नतीजतन 10 साल का बॉन्ड यील्ड 50 पॉइंट से ज्यादा गिरकर पिछले साढ़े सात सालों के निम्नतम स्तर पर आ गया।

आरबीआई ने कहा कि बैंकों को 16 सितंबर से 11 नवंबर के दौरान जमा पूरी की पूरी नकदी कैश रिजर्व रेशो के तहत जमा कराने होंगे। आरबीआई के मुताबिक यह तत्कालिक कदम है जिसकी 9 दिसंबर या उससे पहले समीक्षा की जाएगी। ट्रेडर्स ने आरबीआई के इस कदम को बेहद सख्त करार दिया जो बॉन्ड मार्केट में आई तेजी पर अंकुश लगाने के लिए उठाया गया है। उनके मुताबिक, आरबीआई थोड़ी नरमी बरतते हुए मार्केट स्टैबलाइजेशन बॉन्ड्स की बिक्री के जरिए या रिवर्स रीपोज के तहत बैंकों को फंड सुरक्षित रखने का आदेश देकर तरलता कम करने के प्रयास कर सकता था।
आरबीआई के इस ऐक्शन से बाजार की उम्मीदें भी टूटेंगी कि 7 दिसंबर को अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में वह नीतिगत ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करेगा। खासकर तब जबकि वह अक्टूबर की पिछली मौद्रिक समीक्षा में भी 0.25% की कटौती कर चुका है। रॉयटर्स के आकलन के मुताबिक, आरबीआई के इस कदम से बैंकों से 3.24 लाख करोड़ रुपये निकल जाएंगे।
watch intrsting video:-



अभी-अभी: RBI ने दिया सरकारी कर्मचारियों बड़ा झटका, उडी कर्मचारियों कि निंद...पढ़े पूरी खबर...

दिल्ली (26 नवंबर):500 और 1000 के नोटों पर पाबंदी के बाद देश भर में कैश की क्राइसिस है। नोटबंदी के 19वें दिन भी कैश के लिए लोग देशभर में एक ATM से दूसरे ATM तक भटक रहे हैं। लिहाजा नोटों का ये संकट आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है। दअसल नवंबर महीने का आखिरी हफ्ता चल रहा है। चार-पांच दिन बाद लोगों के सैलरी का वक्त आ जाएगा। 

लिहाज 1दिसंबर के पासपास देशभर में कैश की मांग बढ़ जाएगी। लेकिन बाजार में पैसे की कमी की वजह से लोगों को जरूरत के हिसाब से कम पैसे मिलने की आशंका है।ऐसे में उन लोगों की संकट और बढ़ सकती है जिन्हें कैश में सैलरी मिलती है। बताया जा रहा है कि घरों, ढावों में काम करने वाले, मजदूर समेत कई तरह की कामों से जुड़े लोगों को भी वक्त पर सेलरी नहीं मिल पाएगी।


इस तरह के रोजगार से जुड़े लोगों को उनके मालिक कैश में सेलरी देते हैं, लेकिन नोटबंदी के बाद उनके मालिकों के पास भी समुचित मात्रा में कैश नहीं है। कई जगहों पर भारी तादाद में लोगों ने अपने यहां काम करने वालों को अकाअंट खोलने की सलाह दी।
video:-

Friday, 25 November 2016

BIG-NEWS: नोटबंदी के बाद अब सोनाबंदी, घरो में दबाकर सोने को रखने वाले हो जाये सावधान...

नई दिल्ली (25 नवंबर) :नोटबंदी के फैसले के बाद ब्लैक मनी पर रोक लगाने के लिए सरकार एक और बड़ा कदम उठा सकती है। नोटबंदी के बाद 'सोनाबंदी'। जी हां सही सुना सोनाबंदी, घरों में दबाकर रखे सोने पर मोदी सरकार की नजर है। अगर किसी ने घर में गैरकानूनी रूप से सोना जमा कर रखा है तो सरकार उस पर कार्रवाई कर सकती है। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सरकार सोना खरीदने और रखने वाले पर कड़ी निगरानी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार में टॉप स्तर पर ये विचार-विर्मश चल रहा है कि देश के लोग घर में कितना सोना रख सकते हैं, इसकी सीमा तय कर दी जाए। ऐसा माना जाता रहा है कि ब्लैक मनी को सबसे ज्यादा सोने और रीयल एस्टेट में ही खपाया जाता है। हालांकि इस पर वित्‍त मंत्रालय ने कोई भी टिप्‍पणी करने से मना कर दिया।

भारत दुनिया का दूसरा बड़ा खरीदार, लेकिन काला धंधा हावी... भारत सोने की चिड़िया रहा है, यह बात यूं ही नहीं बोली जाती। सोने के साथ भारत के लोगों का लगाव सदियों पुराना है। वर्तमान में भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। भारत में हर साल लगभग 1 हजार टन सोने का आयात होता है। अनुमान है कि सोने की 1 हजार टन सालाना खपत का एक-तिहाई भुगतान ब्लैक मनी में किया जाता है। खबर के मुताबिक 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के तुरंत बाद लोग नोटों का बैग भरकर ज्वैलर्स की दुकान पर पहुंच गए। लोगों ने आधी रात तक सोने की खरीदारी की। करीब 4 घंटे (8 से 12 बजे) में लोगों ने 1600 करोड़ रुपए मुल्य के 4 टन सोने की खरीदारी की।
भारत में कितना सोना मौजूद...
भारत में करीब 22,000 टन सोना मौजूद...वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 22,000 टन सोना मौजूद है। जी हां 22 हजार टन सोना, जो करीब 65 लाख करोड़ रुपये का है। इसके बावजूद भारत दुनिया का सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर देश है। ऐसे में अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए हर वर्ष 900-1,000 टन सोना आयात किया जाता है।

केंद्रीय बैंक के पास 557.7 टन सोना रिजर्व है...वर्ल्‍ड गोल्‍ड काउंसिल के मुताबिक, दिसंबर 2015 तक भारत के केंद्रीय बैंक के पास 557.7 टन सोना रिजर्व है। यदि इस सारे सोने को ट्रकों में भरा जाए तो यह लगभग 56 ट्रक के बराबर होगा। औसतन एक ट्रक में 10 टन वजन के बराबर सामान लोड किया जाता है।

मंदिरों के पास मौजूद है 3 से 4 हजार टन सोना...प्राचीन मंदिरों के पास आभूषण, सोने के सिक्के और तमाम किस्म का चढ़ावा उपलब्ध है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार भारत के मंदिरों में करीब 3 से 4 हजार टन सोना पड़ा है। यह केंटकी के फोर्ट नॉक्स में सुरक्षित अमेरिकी सरकार के कुल सोने के भंडार से भी 2/3 गुना ज्यादा है। देश के बड़े मंदिरों में इस बेशुमार सोने को हिफाजत के लिए कहीं पर तहखाने बनाए गए हैं तो कहीं सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

सोना आयात में भारत अव्वल...भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। भारत में सोने का प्राकृतिक भंडार बड़ी संख्या में नहीं पाया जाता है। ऐसे में हमें विदेश से सोने का आयात करना पड़ता है। भारत सालाना 900 से 1000 टन सोना आयात करता है। सरकार को उम्मीद है कि गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम कामयाब हो जाने की स्थिति में कुल सोने का आयात एक तिहाई तक कम हो जाएगा। कच्चे तेल के कुल 34 % आयात के बाद 12 % सोने- चांदी का आयात देश में होता है, जो कि कमोडिटी के क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा आयात है।
intresting video watch 18+ only :-



Thursday, 24 November 2016

BIG-NEWS: तो अब नही बंद होगा 500 का नोट...

नई दिल्लीः वित्त मंत्रालय ने नोटों को बदलने से लेकर कुछ और ऐलान किए हैं. सरकार ने तय किया है कि कल से 500 और 1000के नोट बैंकों में नहीं बदले जा सकेंगे. यानी आप इन्हें केवल जमा कर सकते हैं और इनके बदले नए नोट एक्सचेंज में नहीं ले सकेंगे. इसके अलावा 500 के नोट अब 15 दिसंबर तक चलेंगे. ये उन जगहों पर चल सकेंगे जहां पहले सरकार ने ऐलान किया था और इसके अलावा भी सरकार ने कुछ राहत दी है. 1000 के नोट केवल बैंकों में जमा किए जा सकेंगे और ये कहीं और नहीं चलाए जा सकेंगे. इन्हें बैंकों में ही जमा करना होगा. ऐसी अटकले लगाई जा रही है कि विपक्ष कि विरोध व जनता कि सहूलियत के लिए सरकार 500 के नोट पर विचार कर सकती है. आज रात से 1000 का नोट तो पूर्ण रूप से बंद हो गया है लेकिन 500 का नोट अभी 20 दिनों तक कुछ जगहों पर जारी रहेगा, ऐसे में लोगो का कहना है कि 500 के नोट बंद का फैसला सरकार वापस ले सकती है. कालाधन 1000 के नोटों में ज्यादा है और पुरे देश में दोनों नोटों के बंद कर देने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. नोटबंदी के 17 दिन बाद भी हालत जस के तस है ऐसे में 500 के नोट बंद का फैसला सरकार वापस  ले सकती है 


ध्यान रहे कि 500 और 1000 के पुराने नोटों को चलने की सीमा आज रात 12 से खत्म हो रही थी ऐसे में 500 के नोट 15 दिसंबर तक चलने से लोगों को कुछ राहत मिलने का अनुमान है. 500 के पुराने नोट 15 दिसंबर तक अस्पताल-पेट्रोल पंप और अस्पताल परिसर की दवा दुकानों सहित चुनिंदा स्थानों पर मान्य होंगे. सरकार ने पुराने बिलों के भुगतान के लिए, पेट्रोल पंप, सरकारी अस्पताल और उनकी कैमिस्ट की दुकानों पर 15दिसंबर तक 500 का नोट चलाने की घोषणा कर दी है. इसके अलावा स्कूल की फीस के लिए भी आप 500 के पुराने नोटों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

पुराने नोटों के इस्तेमाल के लिए मिली छूट की किसी भी श्रेणी में 1000 का नोट अब स्वीकार नहीं किया जाएगा.

जानें कहां-कहां चल सकते हैं 500 के पुराने नोट

केंद्र सरकार और राज्य सरकार के स्कूलों, म्यूनिसिपेलिटी और लोकल बॉडी स्कूल्स की 2000 रुपये तक की फीस के लिए 500 के पुराने नोटों का इस्तेमाल किया जा सकेगा,

सरकारी और राज्य सरकार के कॉलेजों में भी 500 रुपये के नोट से फीस ली जाएगी.

ग्राहक कॉपरेटिव स्टोर्स में भी 500 रुपये के पुराने नोट स्वीकार किए जाएंगे और इसकी लिमिट 5000 रुपये ही होगी.

प्रीपेड मोबाइल के टॉप-अप के लिए भी 500 का पुराना नोट इस्तेमाल किया जा सकता है.

15दिसंबर तक आप पब्लिक यूटिलिटी बिलों के पेमेंट के लिए 500 के नोट का उपयोग कर सकेंगे. इसमें सिर्फ पानी और बिजलों का भुगतान शामिल है. ये सुविधा सिर्फ इंडीविजुएल और हाउसहोल्डर्स के लिए मान्य होगी.

जैसा कि रोड और ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने तय किया है कि 2 दिसंबर तक टोल नहीं लिया जाएगा तो इन टोल प्लाजा पर 3 दिसंबर से 15 दिसंबर तक 500के पुराने नोटों के जरिए टोल लिया जा सकेगा.

विदेशी नागरिकों को एक हफ्ते में सिर्फ 5000 रुपये तक की विदेशी करेंसी एक्सचेंज करने की अनुमति होगी. इसकी जानकारी उनके पासपोर्ट में भी देनी पड़ेगी. इसके बारे में जरूरी निर्देश आरबीआई द्वारा आगे जारी किए जा सकते हैं.


dance video:-

BIG-NEWS: अभी-अभी PM मोदी ने आम जनता को दी बड़ी सौगात, अब खाते में जमा करवा सकते है कितनी भी रकम...

नई दिल्ली:- नोटबंदी के बाद तरह-तरह की खबर सामने आने से लोगों में काफी डर बना हुआ है। लोगों में सबसे बड़ा डर इस बात को लेकर है कि अगर वह अपने अकाउंट में 2.5 लाख रुपए से ज्यादा की रकम जमा कराएंगे तो फंस सकते हैं। यही कारण है कि किसी के पास ढाई लाख से ज्‍यादा का कैश भी है तो भी वे बैंक में जमा करने की हिम्‍मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस पर मोदी ने कहा कि मेहनत कि कमाई वालो को किसी भी तरह से डरने कि जरूरत नही, बेखोफ बैंको में पैसा जमा करवा सकते है 

इस बारे में टैक्‍स एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर आपके पास 2.5 लाख से ज्‍यादा का कैश हैतो भी डरने की जरूरत नहीं...

- 2.5 लाख से ज्‍यादा डिपॉजिट करते हैं तो आपको इसके सोर्स का प्रूफ रखना होगा।

- अगर यह रकम आपने बिजनेस से कमाई है तो आपको टैक्‍स अधिकारियों के सामने बताता होगा।

- किसी ने आपका दिया हुआ उधार चुकता किया है तो आप उधार देने या वापस लेने का सबूत रखें। अगर यह उधार ऑनलाइन दिया है तो बेस्‍ट हैनहीं तो लेते वक्‍त एक कागज या 10 रुपए के स्‍टैंप पर लिखवा कर लें।

- आप अपनी सैलरी के 30 से 40 फीसदी रकम को अपनी सेविंग के तौर पर दिखा सकते हैं।

- आपकी मथंली इनकम 1 लाख है तो आप आसानी से 40 से 50 हजार की सालाना छूट मिल जाएगी। आपको इस पर कोई टैक्‍स नहीं देना पड़ेगालेकिन इस गिफ्ट के प्रूफ आपको दिखाने पड़ेंगे।


- 3 से 5 लाख रुपए के बीच पेनाल्‍टी काफी कम है और पेनाल्‍टी समेत आपको 15 फीसदी की रकम चुकानी पड़ेगी।

वीडियो:-



Sunday, 20 November 2016

अभी-अभी: कालेधन पर मोदी का दूसरा वार - पुरे देश में हाहाकार...

आयकर विभाग ने अपनी अघोषित राशि दूसरों के बैंक खातों में जमा करवाने वालों को आगाह किया है. विभाग ने इस मामले में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बेनामी लेनदेन कानून के तहत आरोप लगाने का फैसला किया है जिसमें जुर्माना व अधिकतम सात साल की कैद की सजा हो सकती है.


50करोड़ रुपए की नकदी जब्त

इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि विभाग ने 8नवंबर के बाद उसने अप्रचलित नोटों के संदिग्ध इस्तेमाल को लेकर 80 से अधिक सर्वे और लगभग 30 तलाशियां ली जिनमें 200 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय पकड़ी गई. इस तरह की कार्रवाई में 50 करोड़ रुपए की नकदी भी जब्त की गई है.

सरकार ने 500 और 1000 रुपए के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा 8 नवंबर को की थी. कर अधिकारियों ने इस तारीख के बाद बैंक खातों में भारी नकदी जमा कराए जाने के मामलों की पड़ताल के तहत देश भर में अभियान चलाया है.

कानून 1988 के तहत की जाएगी कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में संदेह सही पाए जाने पर बेनामी संपत्ति लेनदेन कानून 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी. यह कानून चल व अचल, दोनों संपत्तियों पर लागू होता है. इस कानून के तहत राशि जमा कराने वाले व जिसके खाते में जमा हुई, दोनों को पकड़ा जा सकता है.

सीबीडीटी ने आयकर विभाग को निगरानी रखने के लिए कहा

सूत्रों ने कहा,‘ सीबीडीटी ने आयकर विभाग से कहा है कि वह उन मामलों पर कड़ी निगरानी रखे जिनमें 500 और 1000 रुपए के पुराने मुद्रा नोटों का इस्तेमाल करते हुए अपने कालेधन को वैध बनाने और छुपाने के लिए दूसरों के बैंक खातों के इस्तेमाल का संदेह हो.


उन्होंने कहा,‘ इस संबंध में कुछ मामले पहले ही सामने आए हैं और विभाग बेनामी कानून के तहत नोटिस जारी करेगा.उन्होंने कहा कि शुरू में उन मामलों में नोटिस जारी किए जाएंगे जिनमें 2.50 लाख रुपए की सीमा से अधिक बड़ी राशि में धन जमा कराया गया हो. लेकिन इससे कम राशि वाले उन मामलों की भी जांच होगी जिनमें बैंक या वित्तीय आसूचना इकाई संदिग्ध लेनदेन की शिकायत करेंगे.

Saturday, 19 November 2016

अभी-अभी: कालेधन पर pm मोदी का दूसरा वार, पुरे देश में हाहाकार...

इस वक्त की बड़ी खबर. 2.5 लाख से ज्यादा जमा करने वालों को इनकम टैक्स ने नोटिस भेजना शुरू किया. हेराफेरी के संदिग्ध लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है. इनकम टैक्स ने पैसों की जानकारी का ब्योरा मांगा है. दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी मांगी है. विभाग के पास एक केस एसा आई जिससे निंद उड़ गयी, एक व्यक्ति के खाते में 1 साल से माईनस में दस रूपये और अब 2.5 लाख जमा हो गये. ऐसे में अब 50 हजार से ज्यादा जमा हुए खातो कि जाँच होगी.


आयकर विभाग ने ऐसे लोगों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है, जिनके अकाउंट में नोटबंदी के बाद से बड़ी रकम जमा हो रही है. दरअसल आयकर विभाग ने ये कार्रवाई इसलिए शुरू की है क्योंकि कई खातों में अचानक से ढाई लाख रुपये की रकम आई है.

नोटबंदी के बाद
आयकर विभाग की सख्ती शुरू

9नवंबर से 500, हजार रुपये के पुराने नोट बंद होने के बाद अब इऩकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भी सख्ती शुरू कर दी है . नोटबंदी के बाद से ही आयकर विभाग बैंक अकाउंट में बड़ी राशि जमा किए जाने नजर रख रहा है, लेकिन अब आयकर विभाग की ओर से ऐसे लोगों को नोटिस जा रहा है, जिनके खातों में संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं . ये नोटिस उन लोगों को दिए गए हैं जिनके अकाउंट में 8 नवंबर के बाद ढाई लाख रुपये से ज्यादा की कैश रकम जमा हुई है .

इस नोटिस में आयकर विभाग ने जमा रकम और जमा किए रकम की तारीख का जिक्र करते हुए पैसे के स्रोत के बारे में पूछा है . सबूत के तौर पर दस्तावेज मांगे हैं . साथ ही आयकर विभाग ने ऐसे लोगों से पिछले दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न की कॉपी जमा करने को कहा है.

दरअसल नोटबंदी के बाद से कई लोग काला धन बैंक अकाउंट में जमा करा रहे हैं . आयकर विभाग ने बैंकों और पोस्ट ऑफिस से 50 हजार और उससे ऊपर की जमा होने वाली राशि पर जानकारी देने को कह रखा है . आयकर विभाग ने ऐसे ही संदिग्ध लेन-देन का उदाहरण भी दिया है .


कर्नाटक के मैंगलोर में एक कोऑपरेटिव बैंक में रजिस्टर्ड पांच सोसायटी ने 8 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाए थे . जिसके बाद से आयकर विभाग और सतर्क हो गई .