Pm मोदी ने देश कि जनता से अपील कि है कि मेरा इरादा कतई जनता को परेशान करना नही था मुझे भी आप लोगो कि परेशनियो को देखकर बहुत तकलीफ होती है, कुछ भ्रष्ट कर्मचरियों कि वजह से आम जनता कि परेशानिया बढ़ी है लेकिन में वादा करता हु कि बहुत जल्द हालत सामान्य हो जायेंगे, हमारी सरकार व सेना दिन रात जनता कि सेवा में लगी हुई है।
लखनऊ में ब्लैक मनी को व्हॉइट में बदलने वाले एक्सिस बैंक के दो मैनेजरों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिग एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर रिश्वत लेकर 40 करोड़ की ब्लैक मनी को नये नोटों में बदलवाने का आरोप है। अब तक सेकड़ो मैनेजर बर्खास्त कर दिए हए है।
प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का बहुत बड़ा निर्णय ऐसे ही नहीं ले लिया था, इसके लिए पूरी तैयारी की गयी थी, सभी तकलीफों और उठाये जाने वाले क़दमों पर विचार किया गया था लेकिन मोदी सरकार को यह नहीं पता था कि हजारों बैंक मैनेजर चोर और बेईमान निकल जाएंगे और जनता को पैसे देने के बजाय ये चोरों और बेईमानों के साथ मिलकर उनका काला धन सफ़ेद करने लगेंगे।
चोर और बेईमान बैंक मैनेजरों ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को कमजोर साबित कर दिया, हजारों चोर बैंक मैनजरों ने ऐसी लूट मचा रखी है कि पूछो मत। ये भ्रष्टाचारियों से मिलकर उनके कालेधन को सफ़ेद कर रहे हैं और बदने में करोड़ों रुपये की रिश्वत खा रहे हैं लेकिन जब गरीब जनता कैश काउंटर पर पहुँचता है तो ये कहते हैं कि कैश ख़त्म हो गया है।
अगर ये बेईमान बैंक मैनेजर इमानदारी से काम करते तो जनता को इतनी तकलीफ ना होती और ना ही कैश के लिए मारामारी होती, आज हालात यह हो गए हैं कि लोग कैश के लिए टूट पड़ रहे हैं, लोग बैंकों और ATM के बाहर बड़ी बड़ी लाइनें देखकर इतने डर जाते हैं कि वे दो चार महीनों का जुगाड़ करके रखना चाहते हैं, पहले लोग अपने सारे पैसे बैंकों में रखते थे और 1000-500 रुपये ही कैश रखते थे और जब जरूरत पड़ती थी तो ATM से जाकर निकाल लेते थे लेकिन अब लोग इतना डर गए हैं अपने घर में 5000-10000 रखना चाहते हैं। लोग डर गए हैं कि अगर कैश ख़त्म हो गया तो उन्हें बैंकों और ATM के बाहर लाईन में लगना होगा।
बेंगलुरु में पौने पांच करोड़ जब्त किये गए जिनमे अधिकतर नए नोट और कुछ सौ सौ के नोटों की गड्डियां भी थीं। कल ही एक भाजपा युवा नेता के पास से कई लाख बरामद लिए गए जिनमे दो हजार के नए नोट थे। ये सब कहाँ से आ रहा है, कौन ऐसा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ये सब बैंक वाले ही कर रहे हैं । आम जनता को बैंक का बीस फीसदी भी नहीं मिल पा रहा है, अस्सी फीसदी नोट पिछले दरवाजे से गायब कर दिए जा रहे हैं। जिन बैंक वालों की प्रधानमंत्री तारीफ कर रहे हैं उन्ही बैंक वालों ने सरकार को जमकर चूना लगाया है और किचकिच कराई है।
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