Thursday, 15 December 2016

अभी-अभी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दोबारा चलेंगे पुराने नोट, पुरे देश में सन्नाटा

देशभर में नोटबंदी से हो रही परेशानी आज खत्म होती नजर आई जब देश की सर्वोच्च अदालत ने मामले पर बड़ा बयान दिया। अदालत ने सरकार से जवाब माँगा की नोटबंदी से क्या हासिल हुआ, कोर्ट ने सरकार से जवाब माँगा है नही तो नोटबंदी का फैसला ख़ारिज किया जायेगा 




कोर्ट ने ने कहा कि पुराने नोट दोबारा चलते रहेंगे। जी हां 500 के पुराने नोट कुछ दिन और जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर्स जारी कर सकता है। इसके लिए एक पिटीशन दायर की गई है। जिस पर सुप्रीम  कोर्ट ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार हलफनामा दायर नहीं करती है तो नोट दोबारा चल सकते हैं।

मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था। सरकार ने चुनिंदा जगहों पर 500 के पुराने नोट जारी रखने की बात भी कही थी। 15 दिसंबर से पुराना नोट हर जगह से बंद कर दिया गया।

 500 के पुराने नोट कुछ दिन और जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर्स जारी कर सकता है। इसके लिए एक पिटीशन दायर की गई है। मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था।

सरकार ने चुनिंदा जगहों पर 500 के पुराने नोट जारी रखने की बात भी कही थी। 15 दिसंबर से पुराना नोट हर जगह से बंद कर दिया गया।

वहीं सरकार ने पुराने नोटों को बिल्कुल बंद कर दिया है। जहां-जहां आज ये बंद हुए हैं उनमें दवा की दुकानें, सरकारी अस्पताल, बिजली, पानी के बिल, टोल बूथ, एलपीजी एजेंसी शामिल है।

इसके अलावा पुराने नोट से अब मोबाइल फोन रिचार्ज की सुविधा भी नहीं रहेगी। श्मशान, कब्रिस्तान, सहकारी भंडार से 5 हजार रुपये तक का सामान, मिल्क बूथ और कोर्ट फीस, सरकारी दुकानों से बीज भी पुराने नोटों से नहीं खरीदे जा सकेंगे।

सरकारी स्कूलों की 2 हजार रुपये तक की फीस, सरकारी कॉलेजों की फीस भी पुराने नोटों से नहीं भरी जा सकेगी। पुराने नोट अब 30 दिसंबर तक बैंकों में और 31 मार्च तक आरबीआई की शाखाओं में जमा कराए जा सकेंगे।


इस बात को सरकार भी जानती है कि कल से 500 के पुराने नोट बंद होते ही और कोहराम मच जाएगा। लिहाजा सरकार ने उम्मीद जताई है कि अगले दो तीन हफ्तों में कैश की किल्लत से देश को राहत मिलेगी। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास ने बताया कि सरकार का जोर अब 500 के नए नोट छापने पर है। शक्तिकांता दास का ये भी कहना है कि नोटबंदी के बाद 80 हजार करोड़ के नए 100 रुपये के नोट बाजार में आए हैं, इसके अलावा 10, 20 और 50 रुपये के नोट भी कोई कमी नहीं है।

अक्षय कुमार ने कहा - PM मोदी जी कि तैयारिया तो पूरी थी पर हजारों बैंक मैनेजर बेईमान निकले..पढ़े पूरी खबर

अक्षय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का बहुत बड़ा निर्णय ऐसे ही नहीं ले लिया थाइसके लिए पूरी तैयारी की गयी थीसभी तकलीफों और उठाये जाने वाले क़दमों पर विचार किया गया था लेकिन मोदी सरकार को यह नहीं पता था कि हजारों बैंक मैनेजर चोर और बेईमान निकल जाएंगे और जनता को पैसे देने के बजाय ये चोरों और बेईमानों के साथ मिलकर उनका काला धन सफ़ेद करने लगेंगे। अब-तक देश में 1500 करोड़ के आस-पास तो नये नोट पकड में आ चुके है 


चोर और बेईमान बैंक मैनेजरों ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को कमजोर साबित कर दियाहजारों चोर बैंक मैनजरों ने ऐसी लूट मचा रखी है कि पूछो मत। ये भ्रष्टाचारियों से मिलकर उनके कालेधन को सफ़ेद कर रहे हैं और बदने में करोड़ों रुपये की रिश्वत खा रहे हैं लेकिन जब गरीब जनता कैश काउंटर पर पहुँचता है तो ये कहते हैं कि कैश ख़त्म हो गया है।


प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार बैंक कर्मियों की तारीफ की है लेकिन कर्मचारी तो काम करते हैं लेकिन बैंक मैनेजर अपने घर से बेईमानों और भ्रष्टाचारियों से डील करके आते हैं। जाते समय वे अपने साथ लाखों के नए नोट ले जाते हैं और भ्रष्टाचारियों से कमीशन लेकर उनसे पुराने नोट लेकर अगले दिन वापस आ जाते हैं।



अगर ये बेईमान बैंक मैनेजर इमानदारी से काम करते तो जनता को इतनी तकलीफ ना होती और ना ही कैश के लिए मारामारी होतीआज हालात यह हो गए हैं कि लोग कैश के लिए टूट पड़ रहे हैंलोग बैंकों और ATM के बाहर बड़ी बड़ी लाइनें देखकर इतने डर जाते हैं कि वे दो चार महीनों का जुगाड़ करके रखना चाहते हैंपहले लोग अपने सारे पैसे बैंकों में रखते थे और 1000-500 रुपये ही कैश रखते थे और जब जरूरत पड़ती थी तो ATM से जाकर निकाल लेते थे लेकिन अब लोग इतना डर गए हैं अपने घर में 5000-10000 रखना चाहते हैं। लोग डर गए हैं कि अगर कैश ख़त्म हो गया तो उन्हें बैंकों और ATM के बाहर लाईन में लगना होगा।

धनकुबेरों ने अपना कालाधन सफ़ेद करने के लिए बैंक मैनेजरों के साथ साथ गाँठ कर ली और लाखों लोगों ने अपना बहुत सारा कालाधन सफ़ेद कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंक वालों की तारीफ करते नहीं थकतेमोदी कहते हैं कि बैंक वाले रात दिन काम कर रहे हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो बैंक वाले ही मोदी की फजीहत करवा रहे हैं। वो रात दिन काम तो कर रहे हैं ये सच है लेकिन रात दिन काम वो कमाने के लिए कर रहे हैं। देश में हर तरह के आदमी हैं कुछ बैंक वाले अच्छा काम भी कर रहे हैं लेकिन कुछ बैंक वालों ने अंधेरगर्दी मचा रक्खी है। बैंकों के पिछले दरवाजों ने जानकर नोट बदले जाने की ख़बरें पूरे देश से आ रहीं हैं।


कल बेंगलुरु में पौने पांच करोड़ जब्त किये गए जिनमे अधिकतर नए नोट और कुछ सौ सौ के नोटों की गड्डियां भी थीं। कल ही एक भाजपा युवा नेता के पास से कई  लाख बरामद लिए गए जिनमे दो हजार के नए नोट थे। ये सब कहाँ से आ रहा हैकौन ऐसा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ये सब बैंक वाले ही कर रहे हैं । आम जनता को बैंक का बीस फीसदी भी नहीं मिल पा रहा हैअस्सी फीसदी नोट पिछले दरवाजे से गायब कर दिए जा रहे हैं। जिन बैंक वालों की प्रधानमंत्री तारीफ कर रहे हैं उन्ही बैंक वालों ने सरकार को जमकर चूना लगाया है और किचकिच कराई है।



विपक्ष ने नोटबंदी को मुद्दा बनाया तो जनता की परेशानी देखकरबैंक के बाहर लगी लाइनों को देखकर और इन लाइनों को लंबी करने के जिम्मेदार कमीशनखोर बैंक वाले ही हैं। देश में हर रोज कहीं न कहीं से भारी मात्रा में नए नोट बरामद किये जा रहे हैं ये कहाँ से आ रहे हैं इसका जबाब किसी के पास नहीं है जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से देश के लोग बैंक वालों को ही इसका जिम्मेदार मान रहे हैं। जनता लाइन में खड़ी रहती है बैंक में कैश समाप्त हो जाता है।

अभी-अभी: आयकर विभाग का ऐलान - जिन बैंक खातो में है 1 लाख वे खाते होंगे ब्लॉक...पढ़े पूरी खबर

तिकड़मों के जरिए बैंकिंग व्यवस्था का दुरुपयोग कर अपनी अघोषित दौलत जमा करने वालों पर रिजर्व बैंक ने शिकंजा कस दिया है।

आरबीआई ने उन खातों से पैसे निकालने पर कुछ खास तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनमें 9 नवंबर के बाद 2लाख रुपए से ज्यादा पैसे जमा हुए हैं और जिनमें 5 लाख रुपए से ज्यादा बैलेंस है।

आरबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक PAN कार्ड या फॉर्म 60 (अगर PAN नहीं है तो) जमा किए बगैर इन खातों से पैसे नहीं निकाले जा सकते और न ही ट्रांसफर किए जा सकते हैं। रिजर्व बैंक को यह जानकारी मिली थी कि कुछ मामलों में केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) के सख्त दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद यह नोटफिकेशन जारी किया गया।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों को KYC का सख्ती से पालन कराना चाहिए। आरबीआई ने कहा, 'यह नियम उन दोनों तरह के खातों पर लागू होंगे- (1) जिनमें 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा का बैलेंस हो; (2) जिनमें 9 नवंबर 2016 के बाद कुल जमा रकम (इलेक्ट्रॉनिक और दूसरे माध्यमों से भी जमा मिलाकर) 2 लाख रुपये से ज्यादा हो।

आरबीआई ने आगे कहा है कि अगर कोई अकाउंट निर्धारित सीमा से ज्यादा रकम जमा/बैलेंस होने की वजह से 'स्मॉल अकाउंट' की श्रेणी के लिए अयोग्य हो जाता है तो उनसे विदड्रॉल की सीमा 'स्मॉल अकाउंट' से विदड्रॉल के नियमों के मुताबिक होगी। स्मॉल अकाउंट से एक महीने में 10 हजार रुपये ही निकालने की इजाजत होती है। इतना ही नहीं, स्मॉल अकाउंट में एक वित्तीय वर्ष में कुल जमा की गई रकम एक लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती।

आरबीआई ने कहा कि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंटस (जन धन अकाउंट भी BSBDAs की तरह ही होते हैं) के लिए KYC की जरूरत नहीं होती। ऐसे अकाउंट 'स्मॉल अकाउंट' की तरह माने जाते हैं। गौरतलब है कि सरकार ने 9 नवंबर से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य कर दिया है।


आरबीआई ने बैंकों से डॉर्मैंट अकाउंट्स में पैसे जमा करते वक्त नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था। ऐसी शिकायतें मिली थी कि नोटबंदी के बाद कुछ लोगों ने जन धन और डॉर्मैंट अकाउंट का दुरुपयोग कर उसमें ब्लैक मनी जमा किया है।

मिशाल: बे-सहारा वृद्ध विधवा का मुस्लिम नौं-जवानों ने हिन्दू परम्परा से किया अंतिम संस्कार...

यह खबर पढकर हर हिन्दुस्तानी को गर्व होगा. यह खबर सोशल मिडिया पर खासी चर्चा का विषय बनी हुई है.

मुंबई के मलाड मुस्लिम बहुल इलाके में 1हिन्दू वृद्ध विधवा महिला सखु किरनसिंह बरसो से अकेले रहती थी उसके परिवार में उसका कोई सहारा नही था। वर्दा कि देखरेख वह के मुस्लिम समाज के लोग ही करते थे व उनको अपनी माँ कि तरह मानते थे। शुक्रवार को उसका निधन अपने घर में हो गया। आस पडोस में मुस्लिम समाज के लोग ही बड़ी संख्या में रहते हैं। उसके परिवार में कोई नहीं था। जब इलाके के मुस्लिम नोजवानो को पता चला तो, पूरे मोहल्ले के लोगो ने हिंदू परंपरानुसार अंतिम संस्कार में लगने वाली सारी सामग्री का इन्तजाम किया। इलाके के मुस्लिम नोजवानो ने उन्हें कंधा देकर सांप्रदायिक सौहाद्र की मिसाल कायम की। लोगो ने नम आँखों से ओशिवारा शमशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया।


ऐसा है मेरा भारत

VIDEO: सपना चौधरी के इस video ने मचाई सनसनी..देंखे video


अपनी आवाज और हुस्न के जादू से स्टेज पर आग लगा देने वाली हरयाणवी सिंगर Sapna choudhary नये गानों का उनके फेंस बेसब्री से इंतजार में रहते है. सपना चौधरी के video को youtube पर लाखो व्यू मिलते है. ऐसे में लाजमी है कि कुछ लोग इसका फायदा भी उठाते है. अभी कुछ दिनों से सोशल मिडिया पर सपना के नाम से एक बेहद आपतिजनक video viral हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस video में जो लड़की है वो सपना नही है बल्कि सपना कि शक्ल से मिलती जुलती कोई और लड़की है.  इस video को sapna sex video से viral किया जा रहा है. हालाँकि हम इस बात कि पुष्टि नही करते है 

आप भी देंखे video:-



खुशखबरी: 12वीं पास वालों को सरकार देगी 20 हजार रुपए, तुरंत करें अप्लाई

सरकारी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों के लिए सुनहरा मौका है। ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग ने 363 पदों के लिए आवेदन जारी किया है।

जिसके तहत जूनियर क्लर्क और जूनियर असिस्टेंट के पद शामिल किए गए हैं।

अगर आप भी इस भर्ती के लिए इच्छुक योग्य हैं तो जल्द करें आवेदन। आवेदन से जुड़ी जानकारी इस प्रकार है-

पद का नाम- जूनियर क्लर्क
पदों की संख्या- 207 पद
पे स्केल- 5200-20200 रुपए
 
पद का नाम- जूनियर असिस्टेंट
पदों की संख्या- 156 पद
पे स्केल- 5200-20200 रुपए
योग्यता- इस भर्ती में आवेदन करने के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है। इसके अलावा सभी उम्मीदवारों को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी भी जरूरी है।

आयु सीमा- इस भर्ती के लिए 18 से 32 साल तक के लोग आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उम्र में आरक्षण के आधार पर छूट दी गई है। जिसमें एससी, एसटी, एसईबीसी और महिला उम्मीदवारों को 5 साल और दिव्यांग लोगों को 10 साल की छूट दी गई है।

चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा और कम्प्यूटर लिखित स्किल टेस्ट

आवेदन फीस- आवेदन फीस में भी आरक्षण के आधार पर छूट दी गई है। इसमें सभी एसईबीस और अनारक्षित वर्ग के लोगों को 100 रुपए फीस देनी होगी, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवार निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इस फीस का भुगतान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकते हैं।

ऐसे करें अप्लाई- इस भर्ती के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.odishassc.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


अंतिम तिथि- ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि 11 जनवरी 2017 है।

BIG-BREAKING: मंदिर की दीवारों में मिला 15 लाख करोड़ का खजाना, सोना देखकर फटी रह गईं आंखें

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रन्नौद में 800साल पुराने जैन मंदिर में खुदाई के दौरान मुगल कालीन खजाना मिला है।


बताया जा रहा है कि मंदिर की 14 इंच मोटी दीवार को तोड़ने पर मिट्‌टी के कई घड़ों में बंद हीरे मिले हैं। कुछ घड़ों में सोना भी है।

जो 15 मजदूर यहां खुदाई कर रहे थे उन्होंने इसे आपस में बांट लिया। लेकिन आपसी लड़ाई से मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने जब खजाने की कीमत का पता लगाया तो वो भी हिल गई। पूरा खजाना 15 लाख करोड़ का है।  ये खजाना कब का है और मंदिर में कहां से आया यह अब तक रहस्य बना हुआ है।



एडीशनल एसपी कमल मौर्य को जब घटना की जानकारी मिली तो वे घटना स्थल पर मुआयना करने गए जहां जांच के दौरान सोने और चांदी के सिक्कों पर अंकित उर्दू की इबारत और चित्र मिले। स्थानीय जानकार ने बताया कि इस पर शहंशाह अहमद लिखा है। जब इंटरनेट के जरिए इसकी प्रमाणिकता जांची गई तो पता चला कि शहंशाह अहमद का शासन 14वीं शताब्दी के आसपास था।
इतिहासकारों का कहना है कि शेरशाह सूरी ने कभी दक्षिण भारत की यात्रा के लिए रन्नौद से रास्ता निकाला था।-किताब 'आईने अकबरी' में भी जिले के कोलारस, नरवर और रन्नौद का जिक्र है। इससे पता चलता है कि यह क्षेत्र उस समय कितने संपन्न थे।



 मुगल बादशाहों का पड़ाव रह चुका है रन्नौद...

जिले से तकरीबन 60 किमी दूर कोलारस में बसा रन्नौद ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है। इतिहासकार अरुण अपेक्षित के अनुसार मोहम्मद गोरी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर, औरंगजेब जैसे अनेक मुगल बादशाहों की सेनाओं ने दक्षिण की विजय यात्राओं को करते हुए यहां पड़ाव डाला था।
इसीलिए रन्नौद का जिक्र कोलाारस-नरवर केे साथ आईने अकबरी पुस्तक में है।मुगल शासकों ने रन्नौद की जागीर जब पिंडारी भाइयों को सौंपी थी। तो यहां के जागीरदार जैन बनाए गए।


200 साल तक यह जागीर जैनियों के नियंत्रण में रही, उनके वंशज आज भी रन्नौद में रहते हैं। रन्नौद में अनेक प्राचीन मंदिर, मठ, मस्जिदें और दरगाह हैं जो अपनी प्राचीनता की कहानी खुद बयां करती हैं।

Wednesday, 14 December 2016

नोटबंदी से परेशान लोगो के लिए खुशखबरी, अब आप पा सकते हैं जीवन भर के लिए मुफ्त बिजली

देश के बहुत से इलाकों में आज भी बिजली नहीं है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। बिजली की परेशानी से आज देश की एक बड़ी आबादी परेशान है। इसका और कोई हल भी नजर नहीं आता है।

 इस समस्या को ध्यान में रख कर केरल के 2 भाइयों ने एक पवन चक्की का निर्माण किया है जो की बहुत की हल्की है और काफी किफायती भी है। आइये जानते इन दोनों लोगों के बारे में और इनकी बनाई पवन चक्की के बारे में।

पवन चक्की बनाने वाले इन दोनों लोगों का नाम है अरुण और अनूप जॉर्ज, जो की अवंत गर्दे इनोवेशंस के संस्थापक हैं। इस चक्की की सबसे बड़ी बात तो यही है कि यह एक पवन चक्की सारी जिंदगी आपके घर को रोशन करने के काम आ सकती है। इसके अलावा यह पवन चक्की के लाइट के पंखे के बराबर ही है, मतलब ज्यादा रखरखाव की भी कोई झंझट नहीं है।

जहां तक बिजली की उत्पादकता का सवाल है तो यह पवन चक्की 3 से 5 किलो वाट बिजली नियमित रूप से आपके घर के लिए बना सकती है। जहां तक इसको खरीदने का सवाल है तो बता दें कि इसकी कीमत सिर्फ एक आई फोन के जितनी ही है यानि मात्र 50 हजार रूपए।


 कंपनी के मालिक अरुण इस पवन चक्की के बारे बताते हुए कहते हैं कि एक छोटी पवन चक्की एक किलोवाट ऊर्जा पैदा करती है और इसका खर्च 4000 से 10000 यूएस डॉलर आता है। लेकिन आपको इस उपकरण को लेने के लिए पचास हजार रुपए अदा करने होंगे, वो भी जीवन भर के लिए। ऐसे में देखा जाए तो जीवन भर की बिजली के लिए यह कीमत बहुत ज्यादा नहीं है।


अपने द्वारा बनाई इस पवन चक्की के बारे में दोनों भाइयों का कहना है कि हमारा लक्ष्य ऊर्जा प्रदान कर गरीबी को खत्म करना है। बिजली के क्षेत्र में संघर्ष कर रहे राज्यों पर पावर ग्रिड पर निर्भरता को कम कराना है और जरुरतमंदों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।इस प्रकार से देखा जाए तो यह पवन चक्की बिजली के क्षेत्र में एक नई क्रांति बन सकती है और छोटे तबके के लोग भी इसको आसानी से लगवा सकते हैं।

अभी-अभी: देशभर में शराब की बिक्री पर रोक, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया बैन

देश में शराब के बढ़ते कुप्रभाव को रोकने के लिए गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक कदम उठाया है।


कोर्ट ने देशभर के हाइवे के किनारे शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि किसी भी हाइवे और राजमार्ग के किनारे शराब कतई ना बेची जाए।

कोर्ट ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वो तुरंत हाइवे के किनारों से शराब के ठेके हटा ले।
यदि एक भी ठेका पाया गया तो राज्य सरकार खामियाजा भुगतेगा। कोर्ट ने इसके लिए  सरकार को 31मार्च तक का समय दिया है।

इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र से कहा कि स्कूली बच्चों में बढ़ती नशे और शराब की लत पर रोक लगाने के लिए वह 6 महीने के भीतर राष्ट्रीय कार्ययोजना पेश करे। न्यायालय ने कहा कि एक बार लत लग जाने के बाद उन्हें नशे का तस्करबनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसलिए केंद्र देशभर में स्कूली बच्चों में शराब और मादक पदार्थों की लत और उनके इस्तेमाल पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण करवाए।

 नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता


स्कूली बच्चों को मादक पदार्थों की लत और इसके दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करने के लिए पीठ ने उनके पाठ्यक्रम पर फिर से विचार करने का सुझाव दिया। यह निर्देश गैर सरकारी संगठन बचपन बचाआे आंदोलन की आेर से वर्ष 2014 में दायर की गई जनहित याचिका पर दिए गए हैं। यह संगठन नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी का है।

BIG-NEWS: अभी-अभी सुप्रीम कोर्ट आदेश अब मुस्लिम नहीं रख सकते दाढ़ी, क्योकि...

देश के सुरक्षाबलों में मुस्लिमों द्वारा दाढ़ी रखने के विवाद के बीच गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है । कोर्ट ने कहा है कि एयरफोर्स में कोई भी मुस्लिम दाढ़ी नहीं रख सकता।


 कोर्ट ने ये फैसला एक सैनिक की याचिका पर दिया। जिसमें उसने मांग की थी कि उसे दाढ़ी रखने दी जाए। इससे पहले  देश के प्रमुख इस्लामिक मदरसे दारुल उलूम देवबंद ने भारतीय वायुसेना के अधिकारी को था कि अगर एयरफोर्स की जॉब में उन्हें दाढ़ी नहीं रखने दी जाती है तो वे नौकरी छोड़ दें।

दरअसल इंडियन एयरफोर्स के एक अधिकारी ने दारूल उलूम देवबंद से पूछा था कि मैं दाढ़ी रखना चाहता हूं लेकिन सेना में इसकी अनुमति नहीं हैं तो मुझे क्या करना चाहिए। इसी के जवाब में देवबंद ने यह सलाह दी । अब इस सलाह पर खासा विवाद हो रहा है।

ये पूछा था इंडियन एयरफोर्स के अधिकारी ने


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक आईएएफ अधिकारी ने पूछा था, मैंने काफी कम उम्र में इंडियन एयरफोर्स ज्‍वाइन कर ली और उस समय मेरी दाढ़ी नहीं थी। अब मुझे नौकरी करते हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। अब मुझे लगता है कि इस नौकरी की वजह से मैं इस्‍लाम के काफी करीब आ गया क्‍योंकि मैं भारत के कई जगहों पर कई तरह के लोगों से मिलता हूं। अब मैं दाढ़ी रखना चाहता हूं, लेकिन एयरफोर्स में इस स्‍टेज पर मुझे दाढ़ी रखने की परमिशन नहीं है। मुझे हर रोज शेव कराना पड़ता है। ऐसे में मेरे पास दो ऑप्‍शन हैं- या तो मैं पेंशन का लाभ लिए बिना नौकरी छोड़ दूं या रोज शेव करूं। मुझे सुझाव दें कि मैं क्‍या करूं? नौकरी छोड़ दूं या जारी रखूं?

181 साल का बुजुर्ग मरने को तरस गया, कहता है मौत मेरे घर का रास्ता भूल गयी..पढ़े पूरी खबर

आज के इस प्रदूषित वातावरण में लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। भारत में औसत आयु 60-70 वर्ष के बीच है, भारत के प्रदूषण की बात की जाये तो यहाँ बहुत ज्यादा है। आज के समय में जैसे ही लोग 60-65 वर्ष पूरा कर लेते हैं अपने जीवन का बस सोचते हैं कि उनका आख़िरी वक़्त आ गया है। अगर आज कोई 100 साल की उम्र का व्यक्ति मिल जाये तो वह बहुत बड़ी बात होती है।


ऐसे ही प्रदूषित शहर में एक ऐसा शख्स है जो इन सब भ्रांतियों को तोड़ता हुआ दिख रहा है। जी हाँ हम आपको बता रहे हैं एक ऐसे शख्स के बारे में जो 60, 90 या 150 साल का नहीं बल्कि वह अपने जीवन के 181 साल (world’s oldest man) पुरे कर चुका है। अभी भी वह सही सलामत है, और अपने सभी काम सही तरह से कर सकने में सक्षम भी है। महाष्टा मुरासी नाम के ये व्यक्ति जीते- जीते थक चुका है और मरने की कामना करता है। वह कहता है कि लगता मौत मेरे घर का रास्ता भूल गई है। मैं कब से मरने का इंतजार कर रहा हूँ  लेकिन मौत है कि कम्‍बखत आती ही नहीं है।

महाष्टा की  उम्र को देखकर लोग यही कहते हैं कि इनको देवी का वरदान मिला हुआ है तभी तो यह इतना जी रहे हैं। महाष्टा मुरासी से जब उनके बारे में पूछा गया तो बताते हैं कि वो जनवरी 1835 को बेंगलुरु में पैदा हुए ( 181 years old man)। सन् 1903 में महाष्टा मुरासी बेंगलुरु से अपना ठिकाना बदलकर बनारस रहने के लिए आ गए और उसी समय से वह बनारस में रह रहे हैं। मुरासी ने 1957 तक एक मोची के रूप में काम किया। जब उन्होंने अपना काम छोड़ा तब उनकी उम्र 122 साल हो चुकी थी।

अनेक बार अपने जन्म प्रमाण पत्र  प्रस्तुत कर चुके हैं 


महाष्टा मुरासी अनेक बार अधिकारियों के समक्ष अपने जन्म प्रमाण पत्र और पहचान पत्र भी प्रस्तुत कर चुके हैं। कई बार महाष्टा मुरासी का मेडिकल चेक-अप भी किया जा चुका है, जिससे उनकी असली उम्र के बारे में पता चल सके। सब तरह की जाँच करने के बाद भी डॉक्टर उनकी वास्तविक उम्र का सही आकलन करने में असफल रहे हैं। डॉक्‍टर जब कुछ नहीं पता लगा पाए तो इसे ईश्वर का करिश्मा कह दिया।

रातभर दोस्तों के साथ कार में पी शराब, सुबह इस हालत में मिलीmp-girl-murder

रातभर दोस्तों के साथ कार में पी शराब, सुबह इस हालत में मिली


हर के एक रिटायर्ड फॉरेस्ट एसडीओ की 35 साल की बेटी की मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जिसमें लड़की के अपने दो दोस्तों के साथ रात में कार में घूमने के दौरान शराब पीने की बात अब तक सामने आई थी।




बताया जा रहा है कि लड़की ने दोस्तों के साथ एक तालाब के किनारे बैठकर शराब पी थी। इस दौरन हुए झगड़े में उसके बचपन के दोस्त ने ही गला घोंटकर उसकी जान ले ली।  मृतका का नाम सुषमा पिता नरेंद्र अवस्थी है। वह सोमवार की रात अपने दो दोस्तों मनोज वाधवानी और जयकिशन कुरील के साथ उनकी कार में घूमने निकली थी।
बताया जाता है कि उन्हें सुषमा ने फोन कर बुलाया था कि उसकी नौकरी लगने वाली है। इस पर वे महेश नगर पहुंचे थे। सुषमा ने पार्टी का बोला तो वे उसे कार में बैठाकर गोपुर चौराहे पहुंचे, जहां से नमकीन और कैट चौराहे से शराब खरीदी। फिर तीनों चलती कार में शराब पीने लगे।


राजेंद्र नगर से खाने का सामान पैक करवाया और कैट स्थित तालाब पहुंचे। वहां भी तीनों ने खूब शराब पी। शराब पीने के बाद सुषमा और उसके बचपन के दोस्त मनोज के बीच झगड़ा हो गया। इसके बाद मनोज ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर कुरील के साथ मिलकर लाश को कार में रखकर दोनों शहर में घूमते रहे। पूछताछ और मौके का मुआयना करने के बाद पुलिस ने बुधवार रात यह खुलासा किया।



अक्सर रात में घूमने जाया करती थी लड़की
 इधर, फैमिली ने सुषमा के रातभर से लापता होने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी। पुलिस को पता चला है कि सुषमा कई बार रात में घूमने जाया करती थी और देर रात को घर लौटती थी। पहले वह बड़ी बहन शक्ति के साथ कंस्ट्रक्शन का बिजनेस करती थी। लड़की पिता से अलग बहन और मां के साथ दूसरे मकान में रहती है। पूछताछ में मनोज ने बताया कि वह कन्फेक्शनरी का काम करता है, जबकि जयकिशन फेब्रिकेशन का।

एेसे हुआ मामले का खुलासा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंगलवार रात भर पूछताछ में दोनों आरोपी हत्या न करने की बात पर अड़े रहे। बुधवार सुबह पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की। पहले जयकिशन से मौके पर ले जाने की पुलिस ने बात कही। वह गाड़ी में बैठकर पुलिस को मौके तक ले गया। पहले आरआर कैट, गोपुर, सुदामानगर व राजेंद्र नगर की बात करते रहे। फिर पुलिस ने वाधवानी को भी मौके पर ले जाने की बात कही। वाधवानी आरआर कैट के पास तालाब तक ले गया। यहां बैठकर शराबखोरी की बात कही। फिर कार में बैठकर घूमने की बात बताई।


दोनों के बयानों में काफर अंतर होने के और मौके में तालमेल न होते देख पुलिस ने मौके का एक बार फिर मुआयना किया। इसमें साफ हो गया कि मनोज ने ही सुषमा की हत्या की।



डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई। शॉर्ट पीएम में गला दबाने के बाद हत्या के खुलासे के बाद पहले तो दोनों ने हत्या से इनकार किया, लेकिन पुलिस की जांच में साफ हुआ कि किसी बात को लेकर वाधवानी और सुषमा के बीच झगड़ा हुआ। इसी बीच गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।




काली मां की शक्ति के आगे झुका चीन, पाकिस्तान हो गया पागल

मां देवी के दरबार में जो भी भक्त जाता है, मां उसकी सभी मुराद पूरी करती है।

जिससे श्रद्धालुओं की आस्था मां के प्रति और भी अधिक बढ़ जाती है और मां के इस अद्भुत चमत्कार से प्रेरित होकर दूर देश के लोग भी मां के दरबार पर आने से नहीं चूकते।

ऐसी ही एक नजारा चीन में भी देखने को मिला, जहां पर लोग में मां काली के चमत्कारों को देख उनके प्रति सच्ची आस्था जागने लगी है। आज हम आपको चीन के एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बता रहें हैं जिसके बारे में जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान।

चीन एक ऐसा देश है जो अपनी तकनीक के बल पर विश्व में पहचाना जाता है और इसी तकनीक से वो प्रकृति को भी मात देने की क्षमता रखता है, पर इस देश में फैली एक बीमारी ने उसे नीचे झुकने पर मजबूर कर दिया था। वहां पर फैली इस बीमारी से लोग परेशान तो थे ही साथ ही में डॉक्टर भी इसे रोक पाने में असमर्थ हो गए थे।

तब वहां के लोगों ने अपनी इस परेशानी में मां देवी की शरण ली और उनसे इस परेशानी से छुटकारा पाने की गुहार लगाने लगें। जगतपालनहार मां काली ने अपने भक्तो की प्रार्थना को जल्द ही सुन लिया और उसी समय से वहां को लोग ठीक होने लगे।


मां के इस चमत्कार को देखकर लोगों की श्रद्धा उस मंदिर के प्रति काफी बढ़ गई। तब से लेकर आज तक लोग इस मंदिर पर जाकर पूजा करना नहीं भूलते। भले ही सबकी पूजा अपने ही देश के अनुसार हो पर मन की श्रद्धा एक ही है।

Tuesday, 13 December 2016

BIG-BREAKING: मंदिर की दीवारों में मिला 15 लाख करोड़ का खजाना, सोना देखकर फटी रह गईं आंखें

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रन्नौद में 800 साल पुराने जैन मंदिर में खुदाई के दौरान मुगल कालीन खजाना मिला है।

बताया जा रहा है कि मंदिर की 14 इंच मोटी दीवार को तोड़ने पर मिट्‌टी के कई घड़ों में बंद हीरे मिले हैं। कुछ घड़ों में सोना भी है।

जो 15 मजदूर यहां खुदाई कर रहे थे उन्होंने इसे आपस में बांट लिया। लेकिन आपसी लड़ाई से मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने जब खजाने की कीमत का पता लगाया तो वो भी हिल गई। पूरा खजाना 15 लाख करोड़ का है।  ये खजाना कब का है और मंदिर में कहां से आया यह अब तक रहस्य बना हुआ है।


एडीशनल एसपी कमल मौर्य को जब घटना की जानकारी मिली तो वे घटना स्थल पर मुआयना करने गए जहां जांच के दौरान सोने और चांदी के सिक्कों पर अंकित उर्दू की इबारत और चित्र मिले। स्थानीय जानकार ने बताया कि इस पर शहंशाह अहमद लिखा है। जब इंटरनेट के जरिए इसकी प्रमाणिकता जांची गई तो पता चला कि शहंशाह अहमद का शासन 14वीं शताब्दी के आसपास था।
इतिहासकारों का कहना है कि शेरशाह सूरी ने कभी दक्षिण भारत की यात्रा के लिए रन्नौद से रास्ता निकाला था।-किताब 'आईने अकबरी' में भी जिले के कोलारस, नरवर और रन्नौद का जिक्र है। इससे पता चलता है कि यह क्षेत्र उस समय कितने संपन्न थे।

 मुगल बादशाहों का पड़ाव रह चुका है रन्नौद...

जिले से तकरीबन 60 किमी दूर कोलारस में बसा रन्नौद ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है। इतिहासकार अरुण अपेक्षित के अनुसार मोहम्मद गोरी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर, औरंगजेब जैसे अनेक मुगल बादशाहों की सेनाओं ने दक्षिण की विजय यात्राओं को करते हुए यहां पड़ाव डाला था।
इसीलिए रन्नौद का जिक्र कोलाारस-नरवर केे साथ आईने अकबरी पुस्तक में है।मुगल शासकों ने रन्नौद की जागीर जब पिंडारी भाइयों को सौंपी थी। तो यहां के जागीरदार जैन बनाए गए।



200 साल तक यह जागीर जैनियों के नियंत्रण में रही, उनके वंशज आज भी रन्नौद में रहते हैं। रन्नौद में अनेक प्राचीन मंदिर, मठ, मस्जिदें और दरगाह हैं जो अपनी प्राचीनता की कहानी खुद बयां करती हैं।

PAYtm का सबसे बड़ा ऐलान, छह महीने पुराने यूजर्स को मिलेगा एक करोड़ का इनाम-offer-today

PAYtm का सबसे बड़ा ऐलान, छह महीने पुराने यूजर्स को मिलेगा एक करोड़ का इनाम


सरकार की ओर से पुराने नोट बंद होने के बाद कि‍ए जाने के बाद डि‍जि‍टल वॉलेट कंपनि‍यों के बि‍जनेस में अचानक से तेजी देखने को मि‍ली है।






8 नवंबर के बाद सबसे ज्‍यादा फायदे में रहने वाली कंपनि‍यों में पेटीएम का नाम सबसे आगे है। पेटीएम अपने बि‍जनेस ऑपरेशन को बढ़ाने के लि‍ए कई तरह के पैतरे अपना रही है। इसी क्रम में पेटीएम की ओर से 1 करोड़ रुपए का ग्रांड प्राइज जीतने का मौका दि‍या है। इसके लि‍ए कंपनी की ओर से

नि‍यम और शर्त भी पेश की गई है।



क्‍या हैं नि‍यम और शर्त

एक यूजर को मि‍लेगा 1 करोड़ रुपए का ग्रांड प्राइज। यूजर पेटीएम कस्‍टमर या पेटीएम यूज करने वाला मर्चेट हो सकता है।  मर्चेंट को अनऑर्गेनाइज्‍ड मर्चेंट होना चाहि‍ए न कि‍ इंस्‍टीट्शनल मर्चेंट्स। वि‍जता का चयन लक्‍की ड्रॉ के जरि‍ए होगा।
तमि‍लनाडु को छोड़ भारत में कही भी 1 दि‍संबर 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच कि‍ए गए ट्रांजैक्‍शन लक्‍की ड्रॉ के लि‍ए योग्‍य है (जि‍तना ज्‍यादा आप ट्रांजैक्‍शन करते हैं उतना ही आपका जीतने का चांस है। प्राइज मनी टैक्‍स कांटने के बाद मि‍लेगी। परि‍णाम का ऐलान अप्रैल 2017 को होगा पेटीएम के पास बि‍ना पूर्व जानकारी के नि‍यम और शर्त को बदलने का अधि‍कार है।





1 लाख यूजर्स के पास 1 करोड़ रुपए के प्राइज जीतने का मौका


इस प्राइज के लि‍ए यूजर्स कस्‍टमर्स के साथ-साथ मर्चेंट्स को भी रेफर कर सकते हैं। केवल अनऑर्गेनाइज्‍ड और प्रॉपराइटरशि‍प मर्चेंट्स ही इसके लि‍ए योग्‍य हैं। इस प्राइज में फोन, बाइक, लैपटॉप, मोटरसाइकि‍ल, कैमरा, मि‍कसर, पेटीएम कैश आदि‍ शामि‍ल हैं। प्राइज की टोटल वैल्‍यू 1 करोड़ रुपए होगी।


इसका चयन लक्‍की ड्रॉ से होगा। तमि‍लनाडु को छोड़ भारत में कही भी 1 दि‍संबर 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच कि‍ए गए ट्रांजैक्‍शन लक्‍की ड्रॉ के लि‍ए योग्‍य है । जि‍तना ज्‍यादा आप ट्रांजैक्‍शन करते हैं उतना ही आपका जीतने का चांस है। प्राइज मनी टैक्‍स कांटने के बाद मि‍लेगी। परि‍णाम का ऐलान अप्रैल 2017 को होगा। पेटीएम के पास बि‍ना पूर्व जानकारी के नि‍यम और शर्त को बदलने का अधि‍कार है।


 10 हजार वालन्‍टीर्स को 2100 स्‍कॉलर्शि‍प



- अवॉर्ड को पेटीएम कैश के तौर पर दि‍या जाएगा।
- डि‍जि‍टल पेमेंट्स प्रोमोटिंग पर काम करने, पेटीएम के बारे में जानकारी देने और पेटीएम के जरि‍ए मर्चेंट्स को पेमेंट्स के लि‍ए जोड़ने के आधार पर अवॉर्ड और सर्टि‍फि‍केट्स दि‍ए जाएंगे।
- प्रत्‍येक जि‍ले में कम से कम 10 वालन्‍टीर्य को स्‍कॉलर्शि‍प और सर्टि‍फि‍केट्स दि‍ए जाएंगे।
- परि‍णाम का ऐलान अप्रैल 2017 को कि‍या जाएगा।
- पेटीएम के पास बि‍ना पूर्व जानकारी के नि‍यम और शर्त को बदलने का अधि‍कार है।