Thursday, 15 December 2016

अभी-अभी: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दोबारा चलेंगे पुराने नोट, पुरे देश में सन्नाटा

देशभर में नोटबंदी से हो रही परेशानी आज खत्म होती नजर आई जब देश की सर्वोच्च अदालत ने मामले पर बड़ा बयान दिया। अदालत ने सरकार से जवाब माँगा की नोटबंदी से क्या हासिल हुआ, कोर्ट ने सरकार से जवाब माँगा है नही तो नोटबंदी का फैसला ख़ारिज किया जायेगा 




कोर्ट ने ने कहा कि पुराने नोट दोबारा चलते रहेंगे। जी हां 500 के पुराने नोट कुछ दिन और जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर्स जारी कर सकता है। इसके लिए एक पिटीशन दायर की गई है। जिस पर सुप्रीम  कोर्ट ने कहा है कि यदि केंद्र सरकार हलफनामा दायर नहीं करती है तो नोट दोबारा चल सकते हैं।

मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था। सरकार ने चुनिंदा जगहों पर 500 के पुराने नोट जारी रखने की बात भी कही थी। 15 दिसंबर से पुराना नोट हर जगह से बंद कर दिया गया।

 500 के पुराने नोट कुछ दिन और जारी रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर्स जारी कर सकता है। इसके लिए एक पिटीशन दायर की गई है। मोदी सरकार ने 8 नवंबर को 500-1000 के पुराने नोट बंद करने का एलान किया था।

सरकार ने चुनिंदा जगहों पर 500 के पुराने नोट जारी रखने की बात भी कही थी। 15 दिसंबर से पुराना नोट हर जगह से बंद कर दिया गया।

वहीं सरकार ने पुराने नोटों को बिल्कुल बंद कर दिया है। जहां-जहां आज ये बंद हुए हैं उनमें दवा की दुकानें, सरकारी अस्पताल, बिजली, पानी के बिल, टोल बूथ, एलपीजी एजेंसी शामिल है।

इसके अलावा पुराने नोट से अब मोबाइल फोन रिचार्ज की सुविधा भी नहीं रहेगी। श्मशान, कब्रिस्तान, सहकारी भंडार से 5 हजार रुपये तक का सामान, मिल्क बूथ और कोर्ट फीस, सरकारी दुकानों से बीज भी पुराने नोटों से नहीं खरीदे जा सकेंगे।

सरकारी स्कूलों की 2 हजार रुपये तक की फीस, सरकारी कॉलेजों की फीस भी पुराने नोटों से नहीं भरी जा सकेगी। पुराने नोट अब 30 दिसंबर तक बैंकों में और 31 मार्च तक आरबीआई की शाखाओं में जमा कराए जा सकेंगे।


इस बात को सरकार भी जानती है कि कल से 500 के पुराने नोट बंद होते ही और कोहराम मच जाएगा। लिहाजा सरकार ने उम्मीद जताई है कि अगले दो तीन हफ्तों में कैश की किल्लत से देश को राहत मिलेगी। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास ने बताया कि सरकार का जोर अब 500 के नए नोट छापने पर है। शक्तिकांता दास का ये भी कहना है कि नोटबंदी के बाद 80 हजार करोड़ के नए 100 रुपये के नोट बाजार में आए हैं, इसके अलावा 10, 20 और 50 रुपये के नोट भी कोई कमी नहीं है।

अक्षय कुमार ने कहा - PM मोदी जी कि तैयारिया तो पूरी थी पर हजारों बैंक मैनेजर बेईमान निकले..पढ़े पूरी खबर

अक्षय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी का बहुत बड़ा निर्णय ऐसे ही नहीं ले लिया थाइसके लिए पूरी तैयारी की गयी थीसभी तकलीफों और उठाये जाने वाले क़दमों पर विचार किया गया था लेकिन मोदी सरकार को यह नहीं पता था कि हजारों बैंक मैनेजर चोर और बेईमान निकल जाएंगे और जनता को पैसे देने के बजाय ये चोरों और बेईमानों के साथ मिलकर उनका काला धन सफ़ेद करने लगेंगे। अब-तक देश में 1500 करोड़ के आस-पास तो नये नोट पकड में आ चुके है 


चोर और बेईमान बैंक मैनेजरों ने मोदी सरकार के नोटबंदी के कदम को कमजोर साबित कर दियाहजारों चोर बैंक मैनजरों ने ऐसी लूट मचा रखी है कि पूछो मत। ये भ्रष्टाचारियों से मिलकर उनके कालेधन को सफ़ेद कर रहे हैं और बदने में करोड़ों रुपये की रिश्वत खा रहे हैं लेकिन जब गरीब जनता कैश काउंटर पर पहुँचता है तो ये कहते हैं कि कैश ख़त्म हो गया है।


प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार बैंक कर्मियों की तारीफ की है लेकिन कर्मचारी तो काम करते हैं लेकिन बैंक मैनेजर अपने घर से बेईमानों और भ्रष्टाचारियों से डील करके आते हैं। जाते समय वे अपने साथ लाखों के नए नोट ले जाते हैं और भ्रष्टाचारियों से कमीशन लेकर उनसे पुराने नोट लेकर अगले दिन वापस आ जाते हैं।



अगर ये बेईमान बैंक मैनेजर इमानदारी से काम करते तो जनता को इतनी तकलीफ ना होती और ना ही कैश के लिए मारामारी होतीआज हालात यह हो गए हैं कि लोग कैश के लिए टूट पड़ रहे हैंलोग बैंकों और ATM के बाहर बड़ी बड़ी लाइनें देखकर इतने डर जाते हैं कि वे दो चार महीनों का जुगाड़ करके रखना चाहते हैंपहले लोग अपने सारे पैसे बैंकों में रखते थे और 1000-500 रुपये ही कैश रखते थे और जब जरूरत पड़ती थी तो ATM से जाकर निकाल लेते थे लेकिन अब लोग इतना डर गए हैं अपने घर में 5000-10000 रखना चाहते हैं। लोग डर गए हैं कि अगर कैश ख़त्म हो गया तो उन्हें बैंकों और ATM के बाहर लाईन में लगना होगा।

धनकुबेरों ने अपना कालाधन सफ़ेद करने के लिए बैंक मैनेजरों के साथ साथ गाँठ कर ली और लाखों लोगों ने अपना बहुत सारा कालाधन सफ़ेद कर लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैंक वालों की तारीफ करते नहीं थकतेमोदी कहते हैं कि बैंक वाले रात दिन काम कर रहे हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो बैंक वाले ही मोदी की फजीहत करवा रहे हैं। वो रात दिन काम तो कर रहे हैं ये सच है लेकिन रात दिन काम वो कमाने के लिए कर रहे हैं। देश में हर तरह के आदमी हैं कुछ बैंक वाले अच्छा काम भी कर रहे हैं लेकिन कुछ बैंक वालों ने अंधेरगर्दी मचा रक्खी है। बैंकों के पिछले दरवाजों ने जानकर नोट बदले जाने की ख़बरें पूरे देश से आ रहीं हैं।


कल बेंगलुरु में पौने पांच करोड़ जब्त किये गए जिनमे अधिकतर नए नोट और कुछ सौ सौ के नोटों की गड्डियां भी थीं। कल ही एक भाजपा युवा नेता के पास से कई  लाख बरामद लिए गए जिनमे दो हजार के नए नोट थे। ये सब कहाँ से आ रहा हैकौन ऐसा कर रहा है। सूत्रों की मानें तो ये सब बैंक वाले ही कर रहे हैं । आम जनता को बैंक का बीस फीसदी भी नहीं मिल पा रहा हैअस्सी फीसदी नोट पिछले दरवाजे से गायब कर दिए जा रहे हैं। जिन बैंक वालों की प्रधानमंत्री तारीफ कर रहे हैं उन्ही बैंक वालों ने सरकार को जमकर चूना लगाया है और किचकिच कराई है।



विपक्ष ने नोटबंदी को मुद्दा बनाया तो जनता की परेशानी देखकरबैंक के बाहर लगी लाइनों को देखकर और इन लाइनों को लंबी करने के जिम्मेदार कमीशनखोर बैंक वाले ही हैं। देश में हर रोज कहीं न कहीं से भारी मात्रा में नए नोट बरामद किये जा रहे हैं ये कहाँ से आ रहे हैं इसका जबाब किसी के पास नहीं है जबकि सोशल मीडिया के माध्यम से देश के लोग बैंक वालों को ही इसका जिम्मेदार मान रहे हैं। जनता लाइन में खड़ी रहती है बैंक में कैश समाप्त हो जाता है।

अभी-अभी: आयकर विभाग का ऐलान - जिन बैंक खातो में है 1 लाख वे खाते होंगे ब्लॉक...पढ़े पूरी खबर

तिकड़मों के जरिए बैंकिंग व्यवस्था का दुरुपयोग कर अपनी अघोषित दौलत जमा करने वालों पर रिजर्व बैंक ने शिकंजा कस दिया है।

आरबीआई ने उन खातों से पैसे निकालने पर कुछ खास तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं, जिनमें 9 नवंबर के बाद 2लाख रुपए से ज्यादा पैसे जमा हुए हैं और जिनमें 5 लाख रुपए से ज्यादा बैलेंस है।

आरबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक PAN कार्ड या फॉर्म 60 (अगर PAN नहीं है तो) जमा किए बगैर इन खातों से पैसे नहीं निकाले जा सकते और न ही ट्रांसफर किए जा सकते हैं। रिजर्व बैंक को यह जानकारी मिली थी कि कुछ मामलों में केवाईसी (अपने ग्राहक को जानों) के सख्त दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके बाद यह नोटफिकेशन जारी किया गया।

रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों को KYC का सख्ती से पालन कराना चाहिए। आरबीआई ने कहा, 'यह नियम उन दोनों तरह के खातों पर लागू होंगे- (1) जिनमें 5 लाख रुपये या उससे ज्यादा का बैलेंस हो; (2) जिनमें 9 नवंबर 2016 के बाद कुल जमा रकम (इलेक्ट्रॉनिक और दूसरे माध्यमों से भी जमा मिलाकर) 2 लाख रुपये से ज्यादा हो।

आरबीआई ने आगे कहा है कि अगर कोई अकाउंट निर्धारित सीमा से ज्यादा रकम जमा/बैलेंस होने की वजह से 'स्मॉल अकाउंट' की श्रेणी के लिए अयोग्य हो जाता है तो उनसे विदड्रॉल की सीमा 'स्मॉल अकाउंट' से विदड्रॉल के नियमों के मुताबिक होगी। स्मॉल अकाउंट से एक महीने में 10 हजार रुपये ही निकालने की इजाजत होती है। इतना ही नहीं, स्मॉल अकाउंट में एक वित्तीय वर्ष में कुल जमा की गई रकम एक लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती।

आरबीआई ने कहा कि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंटस (जन धन अकाउंट भी BSBDAs की तरह ही होते हैं) के लिए KYC की जरूरत नहीं होती। ऐसे अकाउंट 'स्मॉल अकाउंट' की तरह माने जाते हैं। गौरतलब है कि सरकार ने 9 नवंबर से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अमान्य कर दिया है।


आरबीआई ने बैंकों से डॉर्मैंट अकाउंट्स में पैसे जमा करते वक्त नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था। ऐसी शिकायतें मिली थी कि नोटबंदी के बाद कुछ लोगों ने जन धन और डॉर्मैंट अकाउंट का दुरुपयोग कर उसमें ब्लैक मनी जमा किया है।

मिशाल: बे-सहारा वृद्ध विधवा का मुस्लिम नौं-जवानों ने हिन्दू परम्परा से किया अंतिम संस्कार...

यह खबर पढकर हर हिन्दुस्तानी को गर्व होगा. यह खबर सोशल मिडिया पर खासी चर्चा का विषय बनी हुई है.

मुंबई के मलाड मुस्लिम बहुल इलाके में 1हिन्दू वृद्ध विधवा महिला सखु किरनसिंह बरसो से अकेले रहती थी उसके परिवार में उसका कोई सहारा नही था। वर्दा कि देखरेख वह के मुस्लिम समाज के लोग ही करते थे व उनको अपनी माँ कि तरह मानते थे। शुक्रवार को उसका निधन अपने घर में हो गया। आस पडोस में मुस्लिम समाज के लोग ही बड़ी संख्या में रहते हैं। उसके परिवार में कोई नहीं था। जब इलाके के मुस्लिम नोजवानो को पता चला तो, पूरे मोहल्ले के लोगो ने हिंदू परंपरानुसार अंतिम संस्कार में लगने वाली सारी सामग्री का इन्तजाम किया। इलाके के मुस्लिम नोजवानो ने उन्हें कंधा देकर सांप्रदायिक सौहाद्र की मिसाल कायम की। लोगो ने नम आँखों से ओशिवारा शमशान घाट में उसका अंतिम संस्कार किया।


ऐसा है मेरा भारत

VIDEO: सपना चौधरी के इस video ने मचाई सनसनी..देंखे video


अपनी आवाज और हुस्न के जादू से स्टेज पर आग लगा देने वाली हरयाणवी सिंगर Sapna choudhary नये गानों का उनके फेंस बेसब्री से इंतजार में रहते है. सपना चौधरी के video को youtube पर लाखो व्यू मिलते है. ऐसे में लाजमी है कि कुछ लोग इसका फायदा भी उठाते है. अभी कुछ दिनों से सोशल मिडिया पर सपना के नाम से एक बेहद आपतिजनक video viral हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक इस video में जो लड़की है वो सपना नही है बल्कि सपना कि शक्ल से मिलती जुलती कोई और लड़की है.  इस video को sapna sex video से viral किया जा रहा है. हालाँकि हम इस बात कि पुष्टि नही करते है 

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खुशखबरी: 12वीं पास वालों को सरकार देगी 20 हजार रुपए, तुरंत करें अप्लाई

सरकारी नौकरी की तलाश करने वाले लोगों के लिए सुनहरा मौका है। ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग ने 363 पदों के लिए आवेदन जारी किया है।

जिसके तहत जूनियर क्लर्क और जूनियर असिस्टेंट के पद शामिल किए गए हैं।

अगर आप भी इस भर्ती के लिए इच्छुक योग्य हैं तो जल्द करें आवेदन। आवेदन से जुड़ी जानकारी इस प्रकार है-

पद का नाम- जूनियर क्लर्क
पदों की संख्या- 207 पद
पे स्केल- 5200-20200 रुपए
 
पद का नाम- जूनियर असिस्टेंट
पदों की संख्या- 156 पद
पे स्केल- 5200-20200 रुपए
योग्यता- इस भर्ती में आवेदन करने के लिए 12वीं पास होना आवश्यक है। इसके अलावा सभी उम्मीदवारों को कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी भी जरूरी है।

आयु सीमा- इस भर्ती के लिए 18 से 32 साल तक के लोग आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा उम्र में आरक्षण के आधार पर छूट दी गई है। जिसमें एससी, एसटी, एसईबीसी और महिला उम्मीदवारों को 5 साल और दिव्यांग लोगों को 10 साल की छूट दी गई है।

चयन प्रक्रिया- लिखित परीक्षा और कम्प्यूटर लिखित स्किल टेस्ट

आवेदन फीस- आवेदन फीस में भी आरक्षण के आधार पर छूट दी गई है। इसमें सभी एसईबीस और अनारक्षित वर्ग के लोगों को 100 रुपए फीस देनी होगी, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवार निशुल्क आवेदन कर सकते हैं। इस फीस का भुगतान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से कर सकते हैं।

ऐसे करें अप्लाई- इस भर्ती के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.odishassc.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


अंतिम तिथि- ऑनलाइन आवेदन अंतिम तिथि 11 जनवरी 2017 है।

BIG-BREAKING: मंदिर की दीवारों में मिला 15 लाख करोड़ का खजाना, सोना देखकर फटी रह गईं आंखें

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के रन्नौद में 800साल पुराने जैन मंदिर में खुदाई के दौरान मुगल कालीन खजाना मिला है।


बताया जा रहा है कि मंदिर की 14 इंच मोटी दीवार को तोड़ने पर मिट्‌टी के कई घड़ों में बंद हीरे मिले हैं। कुछ घड़ों में सोना भी है।

जो 15 मजदूर यहां खुदाई कर रहे थे उन्होंने इसे आपस में बांट लिया। लेकिन आपसी लड़ाई से मामला पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने जब खजाने की कीमत का पता लगाया तो वो भी हिल गई। पूरा खजाना 15 लाख करोड़ का है।  ये खजाना कब का है और मंदिर में कहां से आया यह अब तक रहस्य बना हुआ है।



एडीशनल एसपी कमल मौर्य को जब घटना की जानकारी मिली तो वे घटना स्थल पर मुआयना करने गए जहां जांच के दौरान सोने और चांदी के सिक्कों पर अंकित उर्दू की इबारत और चित्र मिले। स्थानीय जानकार ने बताया कि इस पर शहंशाह अहमद लिखा है। जब इंटरनेट के जरिए इसकी प्रमाणिकता जांची गई तो पता चला कि शहंशाह अहमद का शासन 14वीं शताब्दी के आसपास था।
इतिहासकारों का कहना है कि शेरशाह सूरी ने कभी दक्षिण भारत की यात्रा के लिए रन्नौद से रास्ता निकाला था।-किताब 'आईने अकबरी' में भी जिले के कोलारस, नरवर और रन्नौद का जिक्र है। इससे पता चलता है कि यह क्षेत्र उस समय कितने संपन्न थे।



 मुगल बादशाहों का पड़ाव रह चुका है रन्नौद...

जिले से तकरीबन 60 किमी दूर कोलारस में बसा रन्नौद ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा है। इतिहासकार अरुण अपेक्षित के अनुसार मोहम्मद गोरी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर, औरंगजेब जैसे अनेक मुगल बादशाहों की सेनाओं ने दक्षिण की विजय यात्राओं को करते हुए यहां पड़ाव डाला था।
इसीलिए रन्नौद का जिक्र कोलाारस-नरवर केे साथ आईने अकबरी पुस्तक में है।मुगल शासकों ने रन्नौद की जागीर जब पिंडारी भाइयों को सौंपी थी। तो यहां के जागीरदार जैन बनाए गए।


200 साल तक यह जागीर जैनियों के नियंत्रण में रही, उनके वंशज आज भी रन्नौद में रहते हैं। रन्नौद में अनेक प्राचीन मंदिर, मठ, मस्जिदें और दरगाह हैं जो अपनी प्राचीनता की कहानी खुद बयां करती हैं।