पाकिस्तान की करतूतों की वजह से हमारा देश कई बार खून के आंसू रोया है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
दो देश लड़ाई-झगड़े से क्यों बचते हैं? सोचिए! इसका बहुत छोटा-सा जवाब है कि बेवजह के तनाव, झंझट में पड़कर भला आपको क्या हासिल होगा, साथ ही हर लड़ाई के वक्त आपके भीतर कुछ टूट भी तो जाता है।
जंग से नहीं मिलता कुछ भी
मनोवैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार लड़ाई की स्थिति या लड़ाई का माहौल आपको भीतर से कमजोर बना देता है। कुछ ऐसा ही होता है दो देशों के बीच होने वाले युद्ध में. जहां पर दोनों ही देशों का भारी नुकसान होता है। यही वजह है कि दुनिया भर की समझदार सरकारें युद्ध से बचती हैं। आप ही सोचिए, हर युद्ध में कितने सैनिक मारे जाते हैं।
सिर्फ सैनिक ही नहीं बल्कि सैनिकों के साथ उनके परिवारवाले भी हर रोज मरते हैं। युद्ध की इसी विभीषिका को समझते हुए रूस ने एक मानव रोबो टैंक बनाया है जिसकी मजबूत बाजुएं और उगलियां किसी इंसान की तरह ही काम करती है।
इंसानों की तरह काम करता है टैंक
ये बिल्कुल इंसानों की तरह काम करता है। वो सभी काम जो आप और हम कर सकते हैं। रूस ने इस रोबो टैंक को लड़ाई में उतारने की तैयारी की है, जिससे कि आर्मी जवानों को जान से हाथ न धोना पड़े।
जल्द ही बॉर्डर पर आएगा
रूस डिफेंस मिनिस्ट्री, सेंट्रल साइंटिफिक-रिसर्च टेस्ट सेंटर ऑफ रोबोटिक्स को ये भरोसा है कि युद्ध में इस रोबो को उतारने से काफी फायदा होगा।
आराम से चल फिर सकेगा
ये रोबो 360 डिग्री पर कहीं भी घूम सकता है, रोबोट में 2 मीटर ऊंचाई और पांच मीटर लम्बे ट्रक स्टैंड लगे हुए हैं। ये ऊंचे-नीचे रास्तों पर भी 20 किलोमीटर तक चल सकता है। साथ ही रोबो को बम फेंकने के लिए भी तैयार किया जा रहा है।
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