Thursday, 6 October 2016

BIG NEWS: आतंकी देश पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका, कही का नही रह जायेगा पाकिस्तान...

नई दिल्ली: सार्क के बाद भारत  अब आसियान देशों के बीच भी पाकिस्तान  को अलग-थलग करने में जुट गया है। अगर भारत इसमें कामयाब हुआ तो पाकिस्तान कही का नही रह जायेगा। चारो तरफ से पाकिस्तान घिर चूका है, अब वो दिन दूर नही जब पाकिस्तान भारत के सामने घुटने टेक देगा। यह मोदी सरकार का रामबाण साबित होगा


इसके लिए आसियान के सदस्य देशों से आतंकवादी नेटवर्कों को तबाह करने में सहयोग मांगा गया है। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने गुरुवार को आसियान रीजनल फोरम के रक्षा शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती है।

हाल में बढ़ती आतंकी घटनाओं पर चिंता जताते हुए पर्रिकर ने कहा कि आतंकवाद का हर जगह विरोध किया जाना चाहिए। इसे सरकारी नीति बनाने को अवैध माना जाना चाहिए और आतंकी नेटवर्कों को ढूंढने और उन्हें बर्बाद करने में सहयोग करना चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते के दौरान आसियान के देशों से लगातार राजनयिक संपर्क किया जा रहा है। सिंगापुर के पीएम ली सेन लूंग 3 अक्टूबर से भारत की यात्रा पर हैं। लूंग ने अपने बयान में आतंकवाद की कड़ी निंदा की है। म्यांमार की विदेश मंत्री आंस सान सू ची और थाइलैंड के पीएम प्रयुत चान-ओ-चा, बिम्सटेक की मीटिंग में भाग लेने के लिए जल्द भारत आने वाले हैं। माना जा रहा है कि वह भी आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का साथ देंगे।

चीन को नसीहत

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने समुद्री परिवहन को खुशहाली का रास्ता बताते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत आवाजाही की आजादी का समर्थन किया। उनका यह बयान दक्षिण चीन सागर के मामले में काफी अहम माना जा है। इस अहम समुद्री कारोबारी रूट पर चीन अपना हक जताता है। उन्होंने कहा कि विवादों को धमकी या बल प्रयोग की जगह शांति से सुलझाया जाना चाहिए।


गौरतलब है कि दक्षिण एशियाई देशों के संगठन सार्क में भारत के बाद ज्यादातर देशों ने आतंकवाद के मुद्दे पर इस्लामाबाद में होने वाले सम्मेलन में शामिल करने से इनकार कर दिया था। अब दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन आसियान में भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कोशिश की जा रही है। आसियान में भारत के अलावा सिंगापुर, थाइलैंड, विएतनाम, फिलीपीन्स, म्यांमार, मलेशिया, लाओस, इंडोनेशिया, कंबोडिया और ब्रूनेई हैं। इस संगठन के सदस्य देशों का भारत के साथ काफी ज्यादा व्यापार है, जबकि पाकिस्तान के साथ इनका काफी कम व्यापार होता है।

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