Tuesday, 11 October 2016

सेना में जाने के लिए जिस्म तक किया कुर्बान अब करेगी देश की रक्षा

KABHUL: एक लड़की अगर देश की रक्षा करे तो उस देश के लिए गर्व की बात है और अगर यहां तक पहुंचने की लिए उसे जिस्म की कुर्बानी देनी पड़े वो शर्म की बात है।

 जिस देश में लड़कियों के स्कूलों को बम से उड़ा दिया जाता है, वहां औरतों को सेना की वर्दी पहनाना और बंदूक थमाना बहुत बड़ी बात है। अफगानिस्तान में ऐसा ही हो रहा है

अफगानिस्तान में सेना के पुनर्गठन के बाद महिलाओं का पहला बैच आर्मी ऑफिसर एकेडमी से निकला है। ये वही लड़कियां है जिनका ट्रेनिंग के दौरान यौन शोषण होता है। आगे बढ़ने के लिए इन्हें जिस्म का सौदा करना होता है।

महिला सैनिकों को काबुल की अफगान नेशनल आर्मी ऑफिसर एकेडमी में ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग तो अफगान ही देते हैं लेकिन इसमें ब्रिटिश आर्मी के अफसर उनकी मदद करते हैं।

पहले बैच में 23 कैडेट्स थीं जिनमें से 19 को कमिश्न मिला। उन्हें इंग्लिश और लीडरशिप स्किल भी पढ़ाए गए हैं। हथियारों की ट्रेनिंग भी हुई है और साथ ही खेलों में भी प्रशिक्षित किया गया है। महिलाओं ने हर स्तर पर पुरुषों के साथ ट्रेनिंग की है। अब भी बहुत ज्यादा महिलाएं आर्मी में भर्ती नहीं हो रही हैं।

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