नई दिल्ली। सैनिक देश की रक्षा के लिए होते हैं। देश के हर नागरिक की रक्षा करना उनका पहला काम है। लेकिन कभी कभी वही सैनिक भक्षक बन जाता है। वर्दी का गुरुर उनके सिर चढ़कर बोलता है।
इससे पहले कि आप दुनिया की सबसे ताकवर और हमारे रक्षक भारतीय फौजियों को गलत समझो, बता दें कि यहां बात हो रही है पाकिस्तान की नापाक आर्मी की। बलूचिस्तान में पाक सैनिकों का जुल्म पिछले कई सालों से जारी है।
बलूच लोगों का पहले कोई सहारा नहीं था। भारत सरकार से भी कोई आस नहीं थी क्योंकि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह विदशों की दिक्कतों में ज्यादा नहीं पड़ते थे। उनकी विदेश नीति बिल्कुल अलग थी।
जब से देश की कमान मोदी के हाथ में आई है विदेश नीति एकदम बदल गई है। बलूचिस्तान के मामले को मोदी खुद देख रहे हैं और मामले को वैश्विक बनाने का भरपूर प्रयास कर रहे हैं।
वहीं बलूत कार्यकर्ताओं को भी पीएम मोदी में एक आशा की किरण दिखी है। वो रोज पीएम से कोई ना कोई अपील कर रहे हैं। पाक सेना द्वारा बलात्कार होने की शिकायत कई बार नवाज से भी की जा चुकी है लेकिन नवाज ने तो जैसे मामले पर आखें बंद की हुई हैं।
दूसरी तरफ पीएम मोदी द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन का मामला उठाए जाने के बाद अब बलूचिस्तान के लोगों ने मोदी से मदद की गुहार लगाई है। बलूचिस्तान के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस कदम के लिए वह मोदी को धन्यवाद देते हैं और उनसे मांग करते हैं कि वह संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के अत्याचार के मुद्दे को उठाएं।
बलूच कार्यकर्ता नायला बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान के लोग प्रताड़ित हो रहे हैं। पाकिस्तान के सैनिक उनका रेप करते हैं। महिलाओं के पतियों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। नायला ने कहा सिर्फ इतना ही नहीं वहां छोटी छोटी सी उम्र में लड़कियां पाकिस्तानी सैनिकों के बच्चों की मां बन रही हैं।
हम बलूच अपना गुजारा बड़ी मुश्किल से करते हैं ऊपर से हमारी बच्चियां कम उम्र में मां बन रही हैं। पाकिस्तानी सैनिक तो रेप करके भूल जाते हैं हम कैसे उनके बच्चों को कैसे पालें।
नायला ने आगे कहा कि हम आशा करते हैं कि आप (पीएम मोदी) सितंबर में संयुक्त राष्ट्र के सत्र के दौरान इस मुद्दे का उठाएंगे। हम आपके साथ हैं और बलूचिस्तान, बल्तिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोग आपके समर्थन के लिए आपको धन्यवाद देते हैं।
एक और बलूच कार्यकर्ता हमाल हैदर बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी की लड़ाई में समर्थन देने के लिए हम पीएम मोदी के बयान का समर्थन करते हैं। ऐसा पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने बलूच लोगों का समर्थन करने की इच्छा जताई है। यह फैसला काफी अहम है।
उन्होंने आगे कहा कि बलूचिस्तान के लोग भारत के साथ साझा हित शेयर करते हैं। हम सेक्युलर लोग हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों में भरोसा करते हैं। पाकिस्तान ने कभी भी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन नहीं किया है और वह बलूच लोगों की हत्याएं कर रहा है। दुनिया के लिए यही वक्त है जब वह सामने आए और हमारा समर्थन करे।

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