Saturday, 15 October 2016

मोदी के साथ पुतिन की ललकार, करेंगे दुनिया से आतंक का खात्मा

रक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में कई करार होने के बाद मोदी और पुतिन ने मीडिया को संबोधित किया। मोदी ने पुतिन को सबसे अच्छा दोस्त बताया तो पुतिन ने भी भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया।


अमेरिका की तरफ झुक रहे भारत को लेकर रूस के नजरिए में कोई बदलाव नहीं है।  पुतिन ने कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए हम भारत का साथ नहीं छोड़ेंगे। हम हर हालत में अपने पुराने दोस्त के साथ खड़े हैं।  भारत और रूस मिलकर आतंकियों और उन्हें पालने वाले को सबक सिखाएंगे

मोदी ने कहा कि रूस भारत का पुराना मित्र है। दो नए दोस्तों से अच्छा एक पुराना मित्र होता है। इससे पहले भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए है। इन समझौतों से रक्षा क्षेत्र में भारत और रूस के बीच नया आयाम स्थापित होगी।

समझौतों के अनुसार भारत को कोमोव मिलिट्री हेलीकॉप्टर मिलेगा. साथ ही एस-400 ए दोनों देशों के बीच गैस पाइपलाइन, आंध्र प्रदेश और हरियाणा में स्मार्ट सिटी, शिक्षा, रेल की स्पीड बढ़ाने समेत कई क्षेत्रों में अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

गोवा की राजधानी पणजी में आज से ब्रिक्स समिट शुरू हो रहा है. पांच देशों के इस सम्मेलन में तमाम आपसी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी साथ ही आपसी सहयोग को नई ऊंचाई देने के उपायों पर भी सदस्यों देशों के प्रमुख बात करेंगे।
 
PM माेदी का संबोधन

पीएम मोदी ने रूसी कहावत का उल्लेख कहते हुए कहा, एक पुराना दोस्त दो नए दोस्तों से बेहतर है। भारत और रिश्ता सचमुच अनोखा है। रूस 'मेक इन इंडिया' को सफल बनाने में भी हमारी मदद कर रहा है। भारत और रूस ने आर्थिक रिश्तों को बेहतर बनाना जारी रखा है। दोनों देशों के बीच बिजनस और इंडस्ट्री आज ज्यादा मजबूत है। भविष्य को ध्यान में रखते हुए सायेंस ऐंड टेक्नॉलजी कमिशन बनाने पर सहमति बनी है। इस दाैरान पीएम माेदी ने रूसी भाषा में ही अपना भाषण शुरु और खत्म किया।

भारत-रूस के बीच हुए अहम समझौतेः-

1) यातायात के विकास और स्मार्ट शहरों के लिए हुआ समझौता
2) भारत-रूस के बीच गैस पाइपलाइन के अध्ययन की संभावनाओं पर समझौता
3) भारत-रूस के बीच शिक्षा और प्रशिक्षण में सहयोग पर समझौता
4) भारत और रूस ने Ka-226T हेलिकॉप्टर्स के जॉइंट प्रॉडक्शन के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए।
5) भारत और रूस के बीच एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे से सम्बन्धित कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर।
6) रक्षा क्षेत्र पर बड़ा समझाैता, S-400 मिसाइल खरीदने पर लगी मुहर
7) कामाेव हैलिकाप्टर पर भी हुअा करार
8) विज्ञान और तकनीक आयोग पर भी रूस के साथ अहम समझौते
9) चार नौसेना फ्रिगेट और वायु रक्षा प्रणाली की खरीद पर हस्ताक्षर
10) न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में रूस करेगा सहयोग
11) सलाना सैन्य औद्योगिक सम्मेलन के लिए सहमति

आतंकवाद के मुद्दे पर पाक के घेरेगा

माना जा रहा है कि इस ब्रिक्स सम्मेलन में भारत आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की कवायद जारी रखते हुए अपना कूटनीतिक हमला तेज करेगा। इस सम्मेलन में आतंकवाद के खतरे से मुकाबले और कारोबार एवं निवेश बढ़ाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स देशों के नेता ऐसी अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने पर चर्चा करेंगे जो हमारे लक्ष्यों की राह में बाधा पैदा करते हैं।

सीसीआईटी पर भारत का जोर


ब्रिक्स में शामिल पांचों देश दुनिया के 3.6 अरब लोगों यानी करीब आधी आबादी की नुमाइंदगी करते हैं और उनका कुल जीडीपी 16.6 खरब अमरीकी डॉलर है। आतंकवाद से प्रभावी तौर पर निपटने के लिए कॉम्प्रीहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (सीसीआईटी) पर संयुक्त राष्ट्र में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए भारत ब्रिक्स देशों के बीच एकता की पुरजोर वकालत कर सकता है।

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