हमारा देश परंपराओं और कहानियों का देश है। यहां कि हर परंपरा किसी ना किसी कहानी से जुड़ी हुई है। यहां कि कोई भी हिंदू पूजा बिना नारियल के पूरी नहीं होती है लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि नारियल को हमेशा पुरुष ही क्यों फोड़ते हैं?
क्यों घर के बुजुर्ग या पंडित महिलाओं को नारियल फोड़ने से मना करते हैं। तो इसके पीछे भी एक मानक कहानी है जिसे हम आज आपको बताते हैं।
दरअसल ऐसा माना जाता है कि नारियल एक फल नहीं है बल्कि बीज है।
बीज से ही किसी बच्चे का जन्म होता है।
महिलाएं भी शिशु को जन्म देती हैं, ऐसे में वो बीज को नुकसान कैसे पहुंचा सकती हैं इसलिए उन्हें नारियल फोड़ने से रोका जाता है।
मान्यता ये भी है कि नारियल भगवान विष्णु की ओर से भेजा गया पृथ्वी पर पहला फल है और इस फल पर सिवाय लक्ष्मी जी को छोड़कर और किसी की हक नहीं इसलिए पराई स्त्रियों को नारियल फोड़ने से रोका जाता है।
नारियल के वृक्ष को कल्पवृक्ष कहते है, नारियल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों ही देवताओं का वास माना गया है। ये भी एक कारण है महिलाओं को नारियल के दूर रखने का।
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